ख़ान सर सरकार की कमियों को भी उजागर कर रहे थे, इसलिए उनका विवादों में फंसना तय था : डॉ. उदितराज
लखनऊ। दलित, ओबीसी, माइनारिटीज, आदिवासी परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. उदितराज ने कहा कि दलित, पिछड़ा या मुसलमान जब बड़ी उपलब्धि हासिल कर लेते हैं तो मनुवादी उसे बर्दाश्त नहीं कर पाते। पटना के ख़ान सर ने न केवल कोचिंग के क्षेत्र में बादशाहत हासिल की, बल्कि वे सरकार की कमियों को भी उजागर कर रहे थे, इसलिए उनका विवादों में फंसना तय था। ख़ान सर बिना पैसे या बहुत कम पैसे में भी कोचिंग करा देते थे, इसलिए ईर्ष्या होना स्वाभाविक था।
उदितराज ने कहा कि देश में लाखों कोचिंग संस्थान चल रहे हैं, लेकिन वे मनमानी फीस लेते हैं। फीस कम या ज़्यादा हो सकती है, लेकिन सरकार को इसके लिए कुछ मानक निर्धारित करने चाहिए। जो भी फीस ली जाए, वह चेक, बैंक ट्रांसफर या अन्य डिजिटल माध्यमों से ली जाए ताकि सरकार को टैक्स भी मिले।
उन्होंने कहा कि 45 नौकरियों और शैक्षिक परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, जिनसे 3.86 करोड़ प्रतियोगी प्रभावित हुए। 1,658 लोगों को गिरफ्तार किया गया, 925 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई, लेकिन मात्र दो मामलों में 18 लोगों को सजा हुई। इससे न्यायपालिका की भूमिका और सरकारी पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। युवाओं को अब सोचना चाहिए कि क्या इस सरकार के रहते धांधली रुक पाएगी? क्या उन्हें शिक्षा और रोजगार के उचित अवसर मिल सकेंगे?