सत्ता परिवर्तन यात्रा के तीसरे दिन शामली में गरजे सांसद चंद्रशेखर, 2027 में यूपी में आसपा सरकार बनने का दावा
शामली। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर ने दावा किया कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में आसपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर सभी को निःशुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी तथा प्रत्येक परिवार को 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी। बेघर परिवारों को 150 गज के प्लॉट पर पक्का मकान दिया जाएगा और पूर्ण शराबबंदी लागू कर शराब की दुकानों को लाइब्रेरी बना दिया जाएगा।
प्रदेशव्यापी सत्ता परिवर्तन यात्रा के तीसरे दिन शामली के खेड़ी करमू तथा डॉ. आंबेडकर प्रतिमा, अजंता चौक पर आयोजित रैलियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि फर्जी एनकाउंटर और बुलडोजर से मकान तोड़े जाने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। न्यूनतम दैनिक वेतन 753 रुपये सुनिश्चित किया जाएगा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।

फर्जी एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की कराई जाएगी निष्पक्ष जांच
चंद्रशेखर ने कहा कि यात्रा में उमड़ रही भीड़ संकेत दे रही है कि प्रदेश में बदलाव की लहर है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी की नीतियों और घोषणाओं को घर-घर पहुंचाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि आगामी विधानसभा चुनाव अपेक्षा से पहले अक्टूबर में भी हो सकते हैं, इसलिए संगठन को अभी से चुनावी तैयारी में जुट जाना चाहिए।

चंद्रशेखर ने कहा कि उनकी सरकार लोगों को सहायता पर निर्भर नहीं बनाएगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देगी।
प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक आय के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वह स्वाभिमान के साथ जीवनयापन कर सके।
उन्होंने कहा कि आसपा की सरकार संविधान के अनुसार कार्य करेगी और किसी भी प्रकार के अत्याचार या अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन यात्रा को विभिन्न स्थानों पर बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है, इसके बावजूद सभी वर्गों के लोग बड़ी संख्या में यात्रा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आसपा की सरकार बनने पर स्मार्ट सिटी की बजाय स्मार्ट गांव विकसित किए जाएंगे। गांवों में पक्की सड़कें, बेहतर परिवहन, आधुनिक सुविधाएं और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि आसपा की सरकार बनने पर कक्षा 1 से 12 तक निःशुल्क शिक्षा, सभी के लिए मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं, पूर्ण शराबबंदी, बैकलॉग के रिक्त पदों की भर्ती, पुलिसकर्मियों के लिए आठ घंटे की ड्यूटी और साप्ताहिक अवकाश तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति दी जाएगी।
महिलाओं और युवाओं को कुटीर उद्योगों के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे पलायन रुकेगा और गांव आत्मनिर्भर बनेंगे।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाए जाएंगे। इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना लागू की जाएगी, किसानों को फसलों का उचित मूल्य मिलेगा, खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
तहसील स्तर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी तथा सफाई कार्यों में मशीनों का उपयोग बढ़ाया जाएगा। रेहड़ी-पटरी वालों के लिए व्यवस्थित बाजार और खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी।