कल्याण के वालधुनी स्थित बुद्धभूमि परिसर पर चला बुलडोज़र : उदितराज

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क्या सरकार मंदिरों पर भी इस तरह बुलडोज़र चलाती है

लखनऊ। दलित, ओबीसी, माइनारिटीज, आदिवासी परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. उदितराज ने कहा कि क्या मंदिरों पर भी इस तरह बुलडोज़र चलते हैं? बौद्ध संगठनों और बुद्धभूमि फाउंडेशन का मुख्य आरोप है कि कल्याण के वालधुनी स्थित बुद्धभूमि परिसर पर बुलडोज़र कार्रवाई बिना उचित पूर्व सूचना, बिना वैध आदेश दिखाए और बिना धार्मिक संरचनाओं के स्थानांतरण की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए की गई।

उन्होंने कहा कि जब बीजेपी सरकार बुद्ध स्तूपों और बुद्ध प्रतिमाओं को हटाने पहुंची तो भिक्षुओं और बौद्ध समुदाय ने शांतिपूर्ण विरोध किया।

कई भिक्षु बुलडोज़रों के सामने लेट गए, फिर भी ध्वस्तीकरण जारी रखा गया।

बात स्पष्ट है कि अंबेडकरवादियों से मनुवादी उतनी ही नफरत करते हैं, जितनी वे मुसलमानों से करते हैं।

डॉ. उदितराज ने कहा किये कायर, गोबरभक्त और अंधभक्त अपने से कमज़ोर लोगों पर हमला बोलते हैं।

ये कायर, गोबरभक्त और अंधभक्त अपने से कमज़ोर लोगों पर हमला बोलते हैं

डोमा प्रमुख ने कहा कि अमेरिका के फ्ऱिस्को सिटी हॉल में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को फाड़कर अपमानित किया गया। क्या पहले कभी ऐसा हुआ है? मोदी हैं तो मुमकिन है। ट्रम्प ने भारतीयों को बेड़ियां और हथकड़ियां लगाकर वापस भेजा, तब भी ये चुप रहे।

पीएम मोदी बिना बुलाए अमेरिका पहुंच जाते हैं और ट्रम्प से पूछते हैं, ‘सर, क्या मैं आपसे मिल सकता हूँ? ‘एच-1बी वीज़ा में कटौती कर दी गई, क्या ये कुछ कर पाए? ये कायर, गोबरभक्त और अंधभक्त अपने से कमज़ोर लोगों पर हमला बोलते हैं लेकिन जब कोई बाप मिलता है तो लेट जाते हैं। क्या ये कभी राष्ट्रभक्त हो सकते हैं? ट्रम्प की पूजा किया और मिला लात।

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