अखिलेश जी को कमजोर दिखाने के लिए भाजपा नेतृत्व जानबूझकर सपा प्रमुख का मुखर विरोध करने से बच रहा
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं यूपी के पूर्व राज्यमंत्री सलाहउद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व यूपी में अखिलेश यादव की बढ़ती ताकत से घबराने लगा है।
यही कारण है कि चाहे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हों या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह समेत भाजपा के सभी बड़े नेताओं ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव का एक रणनीति के तहत मुखर विरोध करना बंद कर दिया है।
भाजपा नेतृत्व जानबूझकर कमजोर नेताओं की चर्चा करता है, ताकि प्रदेश की जनता को लगे कि यूपी में भाजपा के खिलाफ लड़ाई में अखिलेश जी और सपा नहीं है।
सलाहुद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि मौजूदा राजनीतिक हालात में उत्तर प्रदेश का पीडीए समाज पूरी मजबूती के साथ सपा के साथ है, इसके अलावा भाजपा सरकार की महिला व जनविरोधी नीतियों के कारण अन्य सर्वसमाज समाज भी सपा के साथ तेजी से जुड़ रहा है।
भाजपा की सांप्रदायिक नीति के खिलाफ पीडीए समाज के साथ ही सर्वसमाज के लोग भी अखिलेश जी के नेतृत्व में सपा से जुड़ रहे
सलाहुद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि ऐसी स्थिति में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा का पूरा तंत्र किसी भी कीमत पर सपा को सत्ता में आने से नहीं रोक पायेगा।
उनका कहना है कि भाजपा के हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति से ना सिर्फ मुस्लिम बल्कि हिन्दू धर्म के लोग भी परेशान हैं।
भाजपा की इसी सांप्रदायिक नीति के खिलाफ पीडीए समाज के साथ ही सर्वसमाज के लोग भी अखिलेश जी के नेतृत्व में सपा से जुड़ रहे हैं, क्योंकि यूपी में भाजपा की साम्प्रदायिकता का मजबूती से सिर्फ और सिर्फ सपा ही जवाब दे सकती है।

