बसपा प्रमुख ने पार्टी से निकाले गए लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि मैं बीमार हूं, ये सिर्फ अफवाह, मैं बिल्कुल ठीक हूं

लखनऊ। बसपा प्रमुख मायावती ने अपनी बीमारी की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने लखनऊ में प्रेस कॉफ्रेंस में कहा कि मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं। अपना काम कर रही हूं। पार्टी से निकाले गए लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि मैं बीमार हूं इसलिए बड़े मामलों पर भी सीधे X पर ट्वीट करके जानकारी दे रही हूं। इसी वजह से आज मैं आपके सामने आई हूं।
उन्होंने कहा कि इसका सबूत है कि पार्टी के इंचार्ज आलोक कुमार के पास शनिवार रात 10:04 बजे भतीजे आकाश आनंद का फोन आया। पूछा- बहनजी बीमार हैं क्या? उनका स्वास्थ्य कैसा है? आलोक कुमार ने कहा- वह बिल्कुल ठीक हैं। काम में लगी हैं। इस पर आकाश ने आलोक कुमार से कहा कि मेरी यह बात बहनजी को मत बताना और फोन रख दिया। यह गंभीर बात है।
मायावती ने कहा कि आकाश की यह मानसिकता सही भी हो सकती है और गलत भी। अभी भी वह अपने दिमाग से काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के दिमाग से काम कर रहे हैं। आकाश अभी राजनीतिक रूप से परिपक्व नहीं हो पाए हैं, इसीलिए उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया।
दरअसल, मायावती 3 सितंबर को लखनऊ में सार्वजनिक तौर पर नजर आई थीं। उन्होंने बसपा नेताओं के साथ बैठक की थी। इसके बाद से वह X पर ट्वीट करके फैसलों की जानकारी दे रही हैं।

बीएसपी में बड़ा फेरबदल, 3 सेक्टरों में बांटा देश
मायावती ने पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिए पार्टी में बड़े बदलाव का भी ऐलान किया। इसके तहत, बसपा में मुख्य सेक्टर प्रभारी का पद खत्म कर दिया गया। पहले इस पद पर मायावती ने आकाश के छोटे भाई ईशान को जिम्मेदारी सौंपी थी। हालांकि, बाद में ईशान को भी पार्टी में पद नहीं देने की घोषणा कर दी थी।
मायावती ने देश को तीन सेक्टरों में बांटा है। पहले सेक्टर में यूपी और उत्तराखंड हैं। इसे मायावती खुद लीड करेंगी। वहीं, 19 राज्यों को उन्होंने दो सेक्टर में बांटा है। सेक्टर-एक में 10 राज्य और सेक्टर-2 में 9 राज्य हैं। दोनों ही सेक्टरों के दो-दो प्रभारी बनाए हैं। रामजी गौतम और सुरेश राव को सेक्टर-1 के 10 राज्यों जिम्मेदारी दी गयी है। इसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब/चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार व झारखंड राज्य हैं।
राजाराम और अतर सिंह राव को सेक्टर-2 के 9 राज्यों की जिम्मेदारी गयी है। इनमें पश्चिम बंगाल,ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल राज्य हैं।