रिटायर्ड पीसीएस अधिकारी रामकुमार गौतम ने गजट सूची में ओबीसी कॉलम न होने पर जताई आपत्ति

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2026-27 में होने वाली जनगणना के साथ जातिगत जनगणना कराने की घोषणा का स्वागत करते हुए रिटायर्ड पीसीएस अधिकारी रामकुमार गौतम ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया है।
हालांकि, उन्होंने भारतीय गजट में जारी 33 प्रश्नों की सूची पर सवाल भी उठाए हैं। रामकुमार गौतम ने कहा कि सूची के 12वें कॉलम में मकान और परिवार से संबंधित जानकारी मांगी गई है, जिसमें परिवार के मुखिया की जाति पूछी गई है। इस कॉलम में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य जातियों का विकल्प दिया गया है, लेकिन अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी का अलग से कोई कॉलम नहीं रखा गया है।
उन्होंने कहा कि जब ओबीसी के लिए अलग कॉलम ही नहीं है, तो जातिगत जनगणना का उद्देश्य कैसे पूरा होगा। उनका कहना है कि ओबीसी वर्ग देश की बड़ी आबादी का हिस्सा है और यदि उनकी अलग पहचान दर्ज नहीं की जाएगी तो जातिगत आंकड़े अधूरे रह जाएंगे। रामकुमार गौतम ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जनगणना के प्रश्नपत्र में ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम जोड़ा जाए, ताकि सभी वर्गों की सही और पारदर्शी गणना सुनिश्चित हो सके।