हमारी लड़ाई उस मनुवादी और शोषक विचारधारा से है
नई दिल्ली। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भीम आर्मी प्रमुख चन्द्रशेखर आजाद ने कहा कि अम्बेडकरवाद कोई संकीर्ण सोच नहीं है बल्कि अम्बेडकरवाद समता, समानता, बंधुत्व और भाईचारे की एक ऐसी मानवतावादी विचारधारा है,जहां हर इंसान का स्वाभिमान और सम्मान सर्वोपरि है। हम ऐसा समाज चाहते हैं, जहां जन्म नहीं, कर्म और योग्यता की कद्र हो।
चन्द्रशेखर आजाद ने कहा कि वे ऐसा समाज और धर्म चाहते हैं जहां कोई भूखा न सोए, जहां किसी को उसकी जाति, धर्म या वर्ग के कारण दूसरे दर्जे का नागरिक न समझा जाए। उन्होंने कहा कि हम सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक गैर-बराबरी को जड़ से समाप्त करना चाहते हैं।
असपा प्रमुक ने कहा, अम्बेडकरवाद समता, समानता, बंधुत्व और भाईचारे की एक ऐसी मानवतावादी विचारधारा है, जहां हर इंसान का स्वाभिमान और सम्मान सर्वोपरि
हम चाहते हैं कि इस देश के संसाधनों पर हर वर्ग की संख्या के अनुपात में न्यायपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित हो।यही सच्चा सामाजिक न्याय है। हमारी लड़ाई किसी जाति या धर्म से नहीं है। हमारी लड़ाई उस मनुवादी और शोषक विचारधारा से है जो सदियों से समाज को बांटती आई है और बराबरी के अधिकारों को कुचलती आई है। बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने हमें सिखाया कि ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो। ‘आज वही रास्ता हमें अपनाना है। शिक्षा से चेतना आएगी, संगठन से ताकत बनेगी और संघर्ष से परिवर्तन होगा। चन्द्रशेखर आजाद ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि अंत में जीत हमारी ही होगी। सोने की चिडिय़ा कहलाने वाला मेरा देश एक बार फिर विश्व गुरु नहीं, बल्कि विश्व का सबसे बड़ा न्यायपूर्ण और समतामूलक राष्ट्र बनेगा। हम भारत को ऐसा देश बनाएंगे जो संसार को प्तशांति, प्तमैत्री और प्तसमानता का रास्ता दिखाएगा। यही हमारा संकल्प है।