बीएलओ की सूची में मृत घोषित असपा के प्रदेश महामंत्री

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मुरादनगर निवासी आजाद समाज पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी ने आयोग से की शिकायत

लखनऊ। एसआईआर के दौरान जबर्दस्त गड़बडिय़ां पायी जा रहीं हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में लगा सरकारी अमला तमाम बड़ी गलतियां कर रहा है। जीवित व्यक्ति को मृत दिखाकर उसका नाम काट रहा है। सामान्य लोगों के साथ हो रहे इस गड़बड़झाले को लेकर तो कोई खास प्रतिक्रिया सामने नहीं आ रही है। यही वजह है कि सरकारी अमले ने विपक्ष की राजनीति कर रहे सियासी दलों के न सिर्फ कार्यकर्ताओं बल्कि जिम्मेदार पदाधिकारियों को भी मृत दिखाकर उनका नाम वोटर लिस्ट से काटा जा रहा है। ऐसा ही एक मामला मुरादनगर से सामने आया है। मेरठ मंडल के प्रभारी और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एवं उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री निज़ाम चौधरी को स्थानीय बीएलओ द्वारा मृत घोषित दिखाकर उनका नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया है।

इसकी जानकारी मिलते ही पार्टी के वरिष्ठ नेता हरकत में आ गये हैं और इस लापरवाही को सत्ता द्वारा संरक्षित कृत्य बता रहे हैं। पार्टी के प्रदेश के कोषाध्यक्ष अमित गौतम का कहना है कि यह कृत्य जानबूझकर राज्य की भाजपा सरकार के इशारे पर किया गया है। उन्होंने कहा कि निजाम चौधरी को मृत घोषित करना एसआईआर प्रक्रिया की गंभीर खामियों को चीख-चीख कर उजागर करता है।

प्रदेश की भाजपा सरकार के इशारे पर काम कर रहा निर्वाचन आयोग

जिस प्रकार बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लाखों मतदाताओं के नाम काटे जाने का मामला सामने आया, उसी तरह उत्तर प्रदेश में भी बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने की आशंका पहले से थी। अब यह आशंका सच होती दिखाई दे रही है। यह पूरा मामला इस ओर इशारा करता है कि निर्वाचन आयोग सत्ताधारी पार्टी के दबाव में कार्य कर रहा है, जो लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के लिए अत्यंत चिंताजनक है। अब असपा लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। अमित गौतम ने कहा कि निर्वाचन आयोग सत्ताधारी दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष कार्य करे।

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