बहुजन भारत कार्यालय में महान संत के निर्वाण दिवस के मौके पर दी गयी श्रद्धांजलि
लखनऊ। सामाजिक संस्था बहुजन भारत कार्यालय पर शनिवार को शिक्षा,स्वच्छता और मानवता के अग्रदूत संत गाडगे जी महाराज के निर्वाण दिवस के मौके पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। इस मौके पर संस्था के महासचिव चिंतामणि ने कहा कि जब समाज में जातिवाद चरम पर था, अछूतों को शिक्षा का अधिकार नहीं था और इन वर्गों को स्वच्छ रहने अपना घर साफ-सुथरा रखने और साफ कपड़े पहनने का भी अधिकार नहीं था। ऐसे में संत गाडगे जी महाराज ने शूद्रों में शिक्षा की अलख जगायी, कई स्कूल खोले और स्वच्छता का अभियान चलाया।

उन्होंने अछूतों को स्वच्छ रहने और शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया। यह वह दौर था जब दलित समाज विद्यालय जाने की बात भी नहीं सोच सकता था। शिक्षा और स्वच्छता के प्रति उनका ये योगदान दलित समाज कभी भी नहीं भूला पाएगा। चिंतामणि ने कहा कि गाडगे जी महाराज ने हमेशा अंधविश्वास और समाजिक कुरीतियों का विरोध किया और समाज के लोगों को अंधविश्वासों व सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने का संदेश दिया। हालांकि समाज से अंधविश्वास और कुरीतियां पूरी तरह से खत्म नहीं हुईं हैं। इन बुराइयों को दूर करने में अभी समय लगेगा।
लेकिन ये बुराइयां संत गाडगे जी महाराज, बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और बहुजन नायक कांशीराम जी द्वारा दिखाये गये मार्ग पर चलकर ही दूर हो सकेंगी। इस मौके पर इस मौके पर अश्वनी कुमार, राजकुमार दिवाकर, ललित दिवाकर, सोहनलाल, जितेन्द्र कुमार मौर्य, सिद्धार्थ आनंद, दीपक आनंद, लालचन्द ने समाज को जागृत करने वाले महान संत गाडगे जी महाराज की पुण्यतिथि उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।