मोदी सरकार कब माफी मांगेगी, क्योंकि इन्हीं की विचारधारा के कारण दलितों-पिछड़ों के साथ भेदभाव होता रहा है
लखनऊ। दलित, ओबीसी, माइनारिटीज, आदिवासी परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. उदितराज ने कहा कि नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की सरकार ने दलित और ऐतिहासिक रूप से बहिष्कृत समुदायों के साथ सदियों से हुए जातिगत भेदभाव और छुआछूत के लिए औपचारिक माफी मांगने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।

उन्होंने कहा कि 27 मार्च 2026 को पदभार संभालने के बाद, सरकार ने अपने 100-सूत्रीय ‘सुशासन सुधार एजेंडा’ के तहत 15 दिनों के भीतर माफी और सामाजिक-आर्थिक उत्थान के कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। सरकार ने न्याय, समानता और सभी को शामिल करने की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने कहा कि ये नेपाल नवगठित सरकार की बहुत ही क्रांतिकारी सोच है, अगर इसे लागू कर दिया तो नेपाल बहुत तेजी से विकास करेगा। स्वाभाविक है कि आरएसएस और बीजेपी बड़े परेशान होंगे क्योंकि ये सब हिंदू राष्ट्र में संभव नहीं है। मोदी कैबिनेट को भी माफी मांगना चाहिए क्योंकि इन्हीं की विचारधारा के कारण दलितों-पिछड़ों के साथ भेदभाव होता रहा है।