संविधान और लोकतंत्र बचाना है, तो उन लोगों को संसद में भेजना होगा जो बड़ी पार्टी को जिताकर भाजपा-आरएसएस को सत्ता से बाहर करने में सक्षम हों

लखनऊ। अखिल भारतीय दलित, ओबीसी एवं माइनारटीज परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. उदितराज ने कहा कि अम्बेडकरवादियों में अभी भी एक भ्रम है कि कोई एक या कुछ तेज-तर्रार लोग संसद में पहुँच जाएँ तो समस्या का समाधान हो जाएगा। अक्सर बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर का उदाहरण दिया जाता है, लेकिन लोग भूल जाते हैं कि उस समय संसद में सवाल-जवाब होते थे और उठाए गए सवालों पर कार्रवाई भी होती थी।
उदितराज ने कहा कि अब संसद में गतिरोध के बीच कभी किसी बड़ी पार्टी के नेता को बोलने का मौका मिल भी जाए तो माइक बंद हो जाता है और सरकारी पक्ष हंगामा करने लगता है। कभी-कभार कोई सवाल उठ भी जाए, तो उसका असर हो, यह कतई जरूरी नहीं है।
उन्होंने कहा कि अब केवल कुछ लोगों को संसद में भेजने से काम नहीं चलेगा। अगर संविधान और लोकतंत्र बचाना है, तो उन लोगों को संसद में भेजना होगा जो बड़ी पार्टी को जिताकर भाजपा-आरएसएस को सत्ता से बाहर करने में सक्षम हों। अतीत में जीना बंद करो। हुक्मरान बनने और ब्राह्मणों को बाहर भगाने के सपने से बाहर निकलो, नहीं तो फिर से गुलाम बन जाओगे।