वीपी सिंह ने 27 फ़ीसदी आरक्षण लागू किया जिसकी वजह से उन्हें प्रधानमंत्री पद तक छोड़ना पड़ा

लखनऊ। विश्वनाथ प्रताप सिंह साहब की 95 वी वर्षगांठ के अवसर पर एक सेमिनार का आयोजन अब्दुल नसीर नासिर की अध्यक्षता में होटल क्लर्क अवध ,हज़रत गंज, लखनऊ किया गया। जिसका शीर्षक था “सामाजिक न्याय मे विश्वनाथ प्रताप सिह साहब का योगदान “ इस मौके पर मौलाना मोहम्मद मुस्तफा मदनी नदवी ने कहा कि वीपी सिंह बहुत ईमानदार इंसान थे। मुख्य अतिथि के रूप मे पूर्व मंत्री व सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि राजा साहब ने उन वर्गों के लिए काम किया जो छूट गए थे। इसके लिए उन्होंने पिछड़े वर्गों के लिए 27 फ़ीसदी आरक्षण लागू किया जिसकी वजह से उन्हें प्रधानमंत्री की सीट तक छोड़ना पड़ी आज बड़ी संख्या में लोगों को उसका लााभ मिल रहा है।
सेवानिवृत आईपीएस अधिकारी डा. बीपी अशोक ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को भी मंडल कमीशन की सिफारिशों को पढ़ना और उसे लागू करने के लिए अपने घोषण पत्रों में शामिल करना चाहिए। मऊ नगरपालिका के चेयरमैन अरशद जमाल ने कहा कि वह अपने क्षेत्र में वीपी सिंह साहब की यादगार स्थापित करेंगे। इसके अलावा प्रोफेसर डॉ. महेंद्र कुमार मौर्य, डॉ. वीरेन्द्र कुमार यादव, राम चन्द्र पटेल, मोतीलाल मेमोरियल सोसायटी के महासचिव राजेश सिंह ने बताया कि राजा साहब ने अपनी उपजाऊ ज़मीन गाँव के गरीब किसानों को दे दी थी, विपत्ती सिंह यादव, पूर्व विधायक कुबैर भण्डारी, राम सागर पाल सहित अन्य लोगों ने भी विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर पद्मश्री प्रो. डॉ शादाब मोहम्मद केजीएमयू, अरशद जमाल, इलियास बइराईची, संगीता पाल, रूशदा, बी0पी0ओशक मोहम्मद आज़म प्रवक्ता आदि को सम्मानित भी किया गया। अब्दुल नसीर नासिर नेअपने संबोधन भाषण में विश्वनाथ प्रताप सिंह को सरकारी तौर पर याद किये जाने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी मोहम्मद गुफरान नसीम ने किया। इस अवसर पर डा. रवीन्द्र सिंह, डा. विरेन्द्र सिंह यादव, सऊदुल हसन, डा. अब्दुल्लाह नासिर, सपा प्रवक्ता मोहम्मद आजम खान, खिलाड़ी व कोच सलीम बाक्सर, मुजीबुर्रहमान समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।