भाजपा में शामिल कुछ नेताओं के निजी स्वार्थों की पूर्ति से नहीं होगा पीडीए समाज का भला  : कृष्ण कन्हैया पाल

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पिछड़ा वर्ग के इन नेताओं को भाजपा सरकार में अपने समाज का शोषण और उत्पीड़न भी नहीं दिख रहा

लखनऊ। समाजवादी पार्टी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट कृष्ण कन्हैया पाल ने कहा कि पिछड़ा वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक समाज सिर्फ निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए भाजपा में लगा हुआ है। इन वर्गों को यह बात अच्छी तरह से मालूम है कि वे अपने समाज पर इस सरकार द्वारा किये जा रहे अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज नहीं उठा सकते, यहाँ तक कि अगर इनके परिवार के साथ किसी भी तरह की कोई ज्यादती हो जाय तब भी ये चुप रहेंगे।

अपने निजी स्वार्थ में डूबे इन नेताओं को अपने समाज का शोषण और उत्पीडन भी नहीं दिख रहा है।  ऐसी स्थिति में भारतीय जनता पार्टी में कार्य कर रहे, सभी पीडीए वर्ग के नेताओं से किसी भी तरह की कोई उम्मीद करना बेमानी होगी। ऐसे में पीडीए समाज की जिम्मेदारी बनती है कि वे भाजपा की गलत नीतियों का समर्थन कर रहे अपने समाज के नेताओं के बहकावे में ना आकर संविधान और आरक्षण बचाने की लड़ाई लड़ रहे सपा प्रमुख अखिलेश यादव का साथ दें और यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव में सपा की सरकार बनाकर अपने खोये हुए संविधान प्रदत्त अधिकार प्राप्त करें।

कृष्ण कन्हैया पाल ने भाजपा के पीडीए समाज के नेताओं और कार्यकर्ताओं से आत्ममंथन करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में उन्होंने भाजपा के पीडीए वर्ग के नेताओं से पूछा है कि क्या वो पार्टी के शीर्ष नेताओं से ये पूछ सकते हैं कि जबसे भारतीय जनता पार्टी सरकार में आयी है तबसे पिछड़ो, अनुसूचित जाति, जनजाति का सरकारी नौकरियों में आरक्षण लगभग शून्य क्यों कर दिया गया, 69000 शिक्षक भर्ती में आज तक पिछड़ी जाति के लोगों को न्याय क्यों नहीं मिला, जातिगत जनगणना जिसके लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार आवाज उठा रहे हैं, उस जनगणना के फॉर्म में पिछड़ी जाति का कालम क्यों नहीं है, भारतीय संविधान में जो जीवन का अधिकार, समानता का अधिकार मिला हुआ है, उसको इस सरकार ने तार-तार कर दिया है कि नहीं? पाल ने कहा है कि अगर उपरोक्त सवालों को आप लोग नहीं पूछ सकते हैं तो फिर आप सभी लोग भारतीय जनता पार्टी की कौन सी नीति लेकर पीडीए समाज के बीच में जा रहे हैं?

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