सड़क से लेकर संसद तक संविधान और आरक्षण बचाने की लड़ाई लड़ रही सपा

लखनऊ। यूपी के पूर्व राज्य मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता सलाहउद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि देश और उत्तर प्रदेश के जो मौजूदा हालात हैं, उनमें सबसे ज्यादा नुकसान पीडीए समाज का हो रहा है, दलितों, पिछड़ा वर्ग का खुद को हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार संविधान ही ख़त्म करना चाहती है। दलितों, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाज के लोगों को सोचना होगा कि अगर संविधान ही नहीं बचा तो फिर इन वर्गों के अधिकार कैसे बचेंगे।
सलाहउद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि पीडीए समाज इसमें पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग आता है, इन्हें सारे अधिकार संविधान से ही मिले हुए हैं। दलितों, पिछड़ा वर्ग को सरकारी नौकरियों में आरक्षण हो या समानता का मामला, हमें सारे अधिकार संविधान से ही मिले हैं। ऐसे में पीडीए समाज की जिम्मेदारी बनती है कि वह संविधान और आरक्षण बचाने की लड़ाई लड़ रहे सपा प्रमुख अखिलेश यादव जी का साथ दे।
उन्होंने कहा कि 2024 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने नारा दिया था कि 400 सीटें मिल गयीं तो संविधान ख़त्म कर देंगे। लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव जी के नेतृत्व में इण्डिया गठबंधन ने भाजपा के विजय रथ को यूपी में ही रोक दिया। यह पीडीए समाज की सपा के पक्ष में एकजुटता का ही नतीजा है कि भाजपा को केंद्र में सत्ता में आने के लिए दो बैशाखियों का सहारा लेना पड़ा।
सलाहउद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि यूपी में विधानसभा के चुनाव करीब हैं, ऐसे में पीडीए समाज की जिम्मेदारी बनती है कि वे अगले साल राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में सपा के पक्ष में मजबूती से खड़े हों और राज्य में भी केंद्र की तरह अखिलेश जी के नेतृत्व में भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए एकजुट होकर सपा गठबंधन के पक्ष में वोट करें। क्योंकि मौजूदा राजनीतिक हालात में सिर्फ समाजवादी पार्टी ही भाजपा को शिकस्त दे सकती है। पिछड़ा वर्ग, दलित समाज और अल्पसंख्यक वर्ग को अपने अधिकार पाने के लिए संविधान विरोधी ताकतों को सत्ता से बाहर करना होगा, अगर ये मनुवादी ताकतें सत्ता में आ गयीं तो ये सबसे पहले संविधान को ख़त्म करेंगी, संविधान ख़त्म होते ही पीडीए समाज को संविधान के तहत मिलने वाले सारे अधिकार खुद-बा-खुद ख़त्म हो जायेंगे। लिहाजा पीडीए समाज को हर हाल में संविधान विरोधी ताकतों को सत्ता से बाहर करना होगा।