एआईएमआईएम प्रमुख को अपना राजनीतिक इस्तेमाल नहीं होने देना चाहिए
कमल जयंत
लखनऊ। इंडियन नेशनल लीग के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो. सुलेमान का कहना है कि पश्चिम बंगाल और असम में केन्द्र की भाजपा सरकार ने भारी घपला किया है। जिसकी वजह से इन दो राज्यों में भाजपा को सरकार बनाने के लिए बहुमत मिल गया है। उनका कहना है कि इन दो राज्यों में भाजपा चुनाव के दौरान हिन्दू-मुस्लिम करने में कामयाब रही और भाजपा के लिए कुछेक मुस्लिम लीडर इस्तेमाल भी हो गये।

मो. सुलेमान ने कहा कि एआईएमआईएम को चुनावों में उनकी वजह से भाजपा के पक्ष में हो रहे वोटों के ध्रुवीकरण को रोकने के लिए काम करना चाहिए, लेकिन उनकी वजह से इन दो राज्यों में भाजपा हिन्दू-मुस्लिम करने में सफल रही और हिन्दुओं के वोट को अपने पक्ष में पोलराइज करने में सफलता हासिल कर ली।
जिसकी वजह से धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर हुई और यह प्रवृत्ति संविधान पर भरोसा रखने वाले और सांप्रदायिकता का विरोध करने वालों के लिए घातक है।
इंडियन डेमोक्रेटिक अलायंस यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन को करेगा सहयोग
उनका कहना है कि उनकी पार्टी व उनके इंडियन डेमोक्रेटिक अलायंस जो यूपी के छोटे-छोटे छब्बीस दलों को मिलाकर बना है। ये अलायंस सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे सपा-कांग्रेस गठबंधन को पूरा सहयोग करेंगे।
उनका यह भी कहना है कि वह भी चाहते हैं कि यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उनके गठबंधन को भी कुछ भागीदारी मिले।
मो.सुलेमान का कहना है कि उनकी कांग्रेस नेता राहुल गांधी से इस संबंध में बातचीत हुई है और उन्होंने अपने अलायंस के एजेंडे से उन्हें अवगत कराया। राहुल गांधी ने भरोसा दिया है कि अलायंस के एजेंडे को वे अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करेंगे।
संविधान और आरक्षण विरोधी ताकतों के खिलाफ संविधान को मानने वाले दलों को एकजुट होना पड़ेगा
उनका कहना है कि देश में संविधान और आरक्षण विरोधी ताकतों के खिलाफ संविधान को मानने वाले दलों को एकजुट होना पड़ेगा। यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चन्द्रशेखर आजाद भी भाजपा के खिलाफ सडक़ पर संघर्ष कर रहे हैं।
उन्हें भी इंडिया गठबंधन में शामिल होकर यूपी में भाजपा से लडऩा होगा, तभी हम भाजपा को यहां रोक पाएंगे। अगर विपक्ष भाजपा को यूपी में रोकने में सफल रहा तो भाजपा को केन्द्र में जाने से भी रोका जा सकता है क्योंकि केन्द्र की सरकार में जाने का रास्ता यूपी से होकर ही गुजरता है।