संविधान बदलने की बात करने वाले ही संविधान बनाने का भी कर रहे थे विरोध : कुंवर फतेह बहादुर

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पीडीए समाज एकजुट होकर वोट करे तो कोई भी ताकत इन्हें सता में आने से रोक नहीं सकती

आजमगढ़। आजमगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र मेंहनगर के ग्राम पंचायत सिसिड़ी विकासखंड तरवां में 4 मई को सामाजिक संस्था बहुजन भारत के तत्वावधान में आयोजित प्रबुद्ध जन सम्मेलन एवं विचार गोष्ठी कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि भारतीय संविधान कमजोर वर्गों के सर्वांगीण विकास का सबसे बड़ा आधार है और सामाजिक न्याय की स्थापना का सशक्त माध्यम भी है।

भारतीय संविधान कमजोर वर्गों के सर्वांगीण विकास का सबसे बड़ा आधार

संस्था के अध्यक्ष कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी, तथा अल्पसंख्यकों के सर्वांगीण विकास में संविधान का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।

भारतीय संविधान केवल कानूनी दस्तावेज नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम है इसने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग,और अल्पसंख्यकों को समान अवसर सम्मान और अधिकार देकर उनके सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त किया।

भारतीय संविधान कमजोर वर्गों के सर्वांगीण विकास का सबसे बड़ा आधार है और हमारे जीवन में जो भी बाधाएं आती हैं उसका सबका निराकरण संविधान में है, चाहे वह शिक्षा का हो या स्वास्थ्य का हो, चाहे रहने एवं खाने पीने की हो। सबका समाधान संविधान में निहित है।

बाबा साहब अम्बेडकर जब संविधान बना रहे थे उस समय भी संविधान का विरोध वही लोग कर रहे थे जो आज संविधान बदलने की बात कर रहे है।  इस प्रकार के लोगो की विचार धारा में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है ।

दलितों पिछड़ो एवं वंचित समाज के लोगों को अभीतक संविधान में निहित अधिकार नही मिल पाये

संस्था के अध्यक्ष कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अभी भी संविधान के अनुसार दलितों पिछड़ो एवं वंचित समाज के लोगों को संविधान में निहित अधिकार नही मिल पाया है।

बाबा साहब डॉ आंबेडकर ने यह कहा था कि यदि इस संविधान को लागू करने वाले अच्छी नीयत व अच्छी मंशा के होंगे तो यह संविधान सर्वोत्तम होगा।यदि लागू करने वाले अच्छी नीयत एवं अच्छी मंशा के नही होंगे तो यह संविधान सबसे खराब साबित होगा।

कांशीराम जी ने कहा था कि सत्ता की मास्टर चाभी यदि बहुजनों (अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति, पिछड़े एव अल्पसंख्यक)के  पास होगी तो उनके संवैधानिक अधिकार सुरक्षित होंगे। सत्ता की प्राप्ति वोट के द्वारा ही की जा सकती है। संस्था के अध्यक्ष ने कहा कि पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक (पीडीए ) की संख्या लगभग 85 फीसदी है यदि यह 85 फीसदी एकजुट होकर वोट डालते है तो कोई भी ताकत इन्हें सता में आने से रोक नहीं सकती। इसी सत्ता की मास्टर चाभी के द्वारा दलितों पिछड़ों एव अल्पसंख्यकों की संबैधानिक अधिकार सफलता पूर्वक प्राप्त हो जाएगी ।

मनुवादियों की हमेशा यह कोशिश थी कि देश मे गैर बराबरी की सामाजिक आर्थिक एवं न्यायिक व्यवस्था हो : अनिरुद्ध सिंह 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि संविधान बनाते समय भी मनुवादियों की हमेशा यह कोशिश थी कि देश मे गैर बराबरी की सामाजिक आर्थिक एवं न्यायिक व्यवस्था /परम्परा हो लेकिन डॉ. अंबेडकर ने इसे रोकते हुए संविधान को एक समानतावादी ढांचा दिया।

कांशीराम साहब ने जो 85 -15 का फार्मूला दिया वह आज भी सत्ता पाने की चाबी है। 85 फीसदी लोग जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय आते हैं इनको शिक्षित करना होगा, संगठित करना होगा और फिर जब साथ में मिलकर संघर्ष होगा तब जाकर बहुजन समाज को पुन: राजनीतिक शक्ति मिल सकेगी।

अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि भारत एक विविधताओं वाला देश है जहां अनेक जातियां धर्म भाषाएं और संस्कृतियां निवास करती हैं। प्राचीन समय से भारतीय समाज में जातिगत, भेदभाव, सामाजिक असमानता और आर्थिक विषमता मौजूद रही है। विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग, तथा अल्पसंख्यक समुदाय लंबे समय तक सामाजिक उपेक्षा, शोषण और भेदभाव का सामना करते रहे।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद संविधान निर्माता ने यह महसूस किया कि जब तक समाज के कमजोर वर्गों को समान अवसर और विशेष संरक्षण नहीं मिलेगा तब तक वास्तविक लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की स्थापना संभव नहीं होगा। इसलिए भारतीय संविधान में अनेक ऐसे प्रावधान किए गए जिनका उद्देश्य इन वर्गों का सामाजिक, आर्थिक ,शैक्षिक और राजनीतिक विकास करना है ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संयोजक डॉ. लक्षन सहायक अध्यापक ने की और कार्यक्रम का आयोजन डॉ. लक्षन के आवास पर हुआ।

तुलसीराम सेवानिवृत्ति राज्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड, विकायल भारती सेवानिवृत्ति उपसचिव शिक्षा बोर्ड वाराणसी, राम नवल पूर्व प्रमुख मेंहनगर, धर्मेंद्र कुमार खरिहानी, राम प्रसाद जिला पंचायत सदस्य गोपालपुर मेंहनगर, नंदलाल प्रधान

रमाकांत यादव प्रबंधक, इंद्रदेव यादव आदि लोगों ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये और अपने विचार व्यक्त किये।

इस मौके पर प्रभुनाथ राम ,नंदलाल प्रधान हड़ौरा, मुनीम मास्टर, शिवसेचन चौहान, डॉक्टर तिलकधारी, सुनील मास्टर, वीरेंद्र मास्टर संजय मास्टर सुनील यादव, राजकुमार यादव, जयराम यादव, केदार यादव, कन्हैया राम, चंद्रदीप राम पूर्व डिप्टी एसपी ,पंचम राम बड़े बाबू ,राम प्रसाद जिला पंचायत सदस्य ,रामनवल पूर्व मेंहनगर इंजीनियर रामविलास, त्रिभुवन राम , दिलीप कुमार एडवोकेट आदि लोग मौजूद रहे।

 

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