डॉ. लीला प्रसाद ने अपने बेटे सोमदत्त की याद में समाज को दान किया शव वाहन

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डॉ. बीआर अम्बेडकर स्मारक संस्थान के अध्यक्ष डॉ. प्रसाद शवों के लिए समाज को डीप फ्रीजर भी देंगे

लखनऊ। सेवानिवृत्त सीएमओ डॉ. लीला प्रसाद ने मंगलवार को कानपुर में अपने बेटे सोमदत्त की याद में शव वाहन दान किया। उन्होंने यह वाहन सामाजिक संस्था दलित पैंथर को उपलब्ध कराया। डॉ. प्रसाद का कहना है कि दलित पैंथर संस्था लंबे समय से लावारिश लाशों का दाह संस्कार करा रही है। ये संस्था समाज द्वारा किये गये आर्थिक सहयोग से गरीबों के शवों को विभिन्न शव वाहनों के माध्यम से उनके घर और घाट पर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचाती है। डॉ. प्रसाद ने बताया कि ये संस्था समाज में अच्छा कार्य कर रही है, इसी वजह से शव वाहन इस संस्था को दान दिया गया है।

साथ ही दलित पैंथर के अध्यक्ष से यह भी आग्रह किया गया है कि गरीबों के शवों को अस्पताल से उनके घर और उनके घर से घाट तक अंतिम संस्कार के लिए सौ रुपये में पहुंचाएगी। ताकि गरीब लोग भी अपने परिजनों के शवों का सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर सकें। उन्होंने बताया कि शव वाहन अपने निजी धन से खरीदकर संस्था को दिया गया है। आगे डॉ. बीआर अम्बेडकर स्मारक संस्थान संस्था की तरफ से समाज को शवों को रखने के लिए दो डीप फ्रीजर देने की योजना है। इसके लिए तमाम लोगों ने दान देना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि दलितों के अलावा अन्य समाज के लोग अपने समाज के लिए शव वाहन, डीप फ्रीजर आदि की व्यवस्था एक संस्था संचालित करके करा रहे हैं। हमारे समाज में बहुत ज्यादा गरीबी है, ऐसे में इस वर्ग के लिए इस तरह की व्यवस्था करना सभी की जिम्मेदारी है।

 

जिंदा के लिए एक टिकट का किराया, मृत व्यक्ति को ले जाने में हजारों का खर्च : डॉ. शोभनाथ

लखनऊ स्थित बलरामपुर अस्पताल के निदेशक रहे डॉ. शोभनाथ भी अपने कार्यकाल के दौरान शव वाहन बलरामपुर अस्पताल को डोनेट करा चुके हैं। उन्होंने बलरामपुर अस्पताल में निदेशक पद पर तैनाती के दौरान एक संस्मरण को बताते हुए कहा कि एक व्यक्ति अपने बीमार परिजन को लेकर अस्पताल आया। उसकी चिंता यह नहीं थी कि उसका परिजन कब स्वस्थ होगा। उसने सिर्फ यही पूछा कि हमारे मरीज के स्वस्थ होने की उम्मीद है या ये अस्पताल में ही दम तोड़ देगा। उसका कहना था कि अगर मरीज के बचने की उम्मीद नहीं है तो वह उसे अपने साथ अपने गांव ले जाना चाहता है क्योंकि जिंदा व्यक्ति का किराया दो सौ रुपये है और मरने के बाद उसे ले जाने के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ेंगे जो उसके पास नहीं है।

 

 

इस घटना के बाद डॉ. शोभनाथ ने समाजवादी नेता भगवती सिंह से सम्पर्क किया और उन्हें पूरी बात बतायी, साथ ही यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि गांव-देहात से इलाज के लिए आने वाले लोग अगर दुर्भाग्यवश बच नहीं पाते तो आर्थिक संकट से जूझ रहे उनके परिजन शव ले जाने के लिए मदद का इंतजार करते हैं। उनके आग्रह पर भगवती सिंह जी ने उस समय बलरामपुर अस्पताल को एक शव वाहन सीबी गुप्ता ट्रस्ट से दान दिलाया था, जिससे काफी दूर-दूर के लोगों के परिजनों के शवों को निशुल्क उनके घरों तक पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि डॉ. लीला प्रसाद जी ने शव वाहन का दान करके सराहनीय कार्य किया है। समाज के लोगों को गरीबों की मदद के लिए आगे हाथ बढ़ाना होगा।

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