मायावती ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर पदाधिकारियों के साथ की बड़ी बैठक
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मंगलवार को बसपा कार्यालय में पार्टी प्रमुख मायावती ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इसमें राज्य और जिला स्तर के प्रमुख पदाधिकारी शामिल रहे। बैठक में पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने, आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और संगठनात्मक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही बसपा प्रमुख ने पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने के निर्देश दिये। अब यूपी में विधानसभा चुनाव में बहुत समय नहीं बचा है। इसी बात को ध्यान में रखकर पार्टी बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के मौके पर 14 अप्रैल को लखनऊ में कार्यक्रम के जरिए सभी सियासी दलों को अपनी राजनीतिक ताकत का अहसास भी दिलाना चाहती है। इसको ध्यान में रखकर पार्टी ने बाबा साहब की जयंती पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।

भाजपा की केन्द्र व यूपी की सरकार से जनता पूरी तरह से हो गयी त्रस्त
उन्होंने पार्टी मुख्यालय पर संगठन की जमीनी व आर्थिक मजबूती, जनाधार विस्तार और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने पूर्व में दिए गए दिशा-निर्देशों पर प्रगति रिपोर्ट को और बेहतर बनाने पर जोर देते हुए कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को अस्वीकार्य बताया। मायावती ने कहा कि सरकारों की जनहित के प्रति उदासीनता से जनता त्रस्त है और अब बीएसपी से उम्मीदें बढ़ी हैं। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा, मेहनत और लगन से काम करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी और रोटी-रोजी की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकारें केवल वादों और जुमलेबाज़ी तक सीमित हैं, जिससे आमजन की समस्याएं और गंभीर होती जा रही हैं। बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि देश क्या सिर्फ प्राइवेट सेक्टर पर ज्यादा निर्भर होकर आत्मनिर्भर बन सकता है? उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विकास का फायदा कुछ मुटठीभर सत्ताधारी लोगों तक सीमित रहेगा तो आम जनता का भला कैसे होगा।

महंगे हो गए हैं पेट्रोल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पाद
अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि इसकी वजह से रसोई गैस, पेट्रोल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पाद महंगे हो गए हैं। इससे रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़े हैं। सबसे ज्यादा असर गरीब और मेहनतकश लोगों पर पड़ा है। उनकी परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। सरकार को समय रहते ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि देश को नोटबंदी या कोरोना महामारी जैसी स्थिति का फिर से सामना न करना पड़े। आत्मनिर्भरता को सिर्फ नारा नहीं, बल्कि जमीन पर सच बनाना जरूरी है। महिला आरक्षण को लेकर मायावती ने कहा कि अगर कमजोर वर्गों की महिलाओं को अलग से आरक्षण नहीं मिलेगा, तो उनका सही विकास कैसे होगा। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।