दुनिया को युद्ध नही बुद्ध के शान्ति की जरूरत : ब्रजेश पाठक

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खाड़ी देशों में युद्ध की शुरुआत से गहरा सकता है वैश्विक ऊर्जा संकट : डॉ.निर्मल

लखनऊ। यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि दुनिया को युद्ध नहीं वरन बुद्ध के शांति के संदेश की आवश्यकता है। पाठक डॉ. आंबेडकर महासभा ट्रस्ट की ओर से उद्यान भवन के सभागार में आयोजित सेमिनार ‘‘विश्व युद्ध के खतरे और बुद्ध की प्रासंगिकता’’ विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। पाठक ने सनातन धर्म के वसुधैव कुटुम्बकम का जिक्र करते हुए कहा कि हम भारत के लोग सनातन परम्परा में विश्वास रखते हैं, जिसमें पशु, पक्षी, प्रकृति सभी में ईश्वर का वास है, यह मानते है। हमारे यहां महिलाएं विभिन्न पर्वो एवं त्योहारों पर पीपल और बरगद के वृक्ष पर धागा बांधती है, उनकी रक्षा की कामना करती है मगर आज दुनिया में जो घटित हो रहा है, वह बहुत चिन्ताजनक है। उन्होने कहा कि पूरी मानवता की रक्षा के लिए भारत को नेतृत्व करना होगा क्योकि भारत भूमि से दुनिया में बुद्ध के शान्ति का संदेश का प्रसार हुआ।

न्यू स्टार्ट संधि समाप्त हो जाने से अमेरिका रूस के बीच हथियारों की होड़ बढ़ी 

सेमिनार में आधार पत्र रखते हुए पूर्व राज्यमंत्री एवं सदस्य विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि आज दुनिया विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ी है। मुख्य खतरे रूस युक्रेन युद्ध, मध्यपूर्व में इजराइल-इरान संघर्ष, चीन ताईवान तनाव, खाड़ी देशों में युद्ध की शुरुआत से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है। डॉ. निर्मल ने कहा कि न्यू स्टार्ट संधि समाप्त हो जाने से अमेरिका रूस के बीच हथियारों की होड बढ़ गयी है। चीन-रूस और अमेरिका परमाणु स्टाक बढ़ा रहे है और सीमित परमाणु युद्ध की बाते शुरू हो चुकी है। डॉ. निर्मल ने कहा विश्व युद्ध अगर भडक़ा तो पिछली बार से कही ज्यादा विनाशकारी होगा और दुनिया की बड़ी आबादी और जलवायु, पशुपक्षी संकट ग्रस्त होंगे।

नरेन्द्र मोदी दुनिया के लाडले है और उन्हें पूरा विश्व मानता है अपना नेता 

उन्होंने कहा कि वैश्विक सप्लाई चेन टूटेगी, तेल की कीमतें आसमान छूएंगी, मुद्रा स्फीति बढ़ेगी, शेयर बाजार क्रैश होगे। इसलिए ऐसी विषम स्थिति में भारत को बड़ी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि बुद्ध के शान्ति के संदेश से ही युद्ध पर विराम लगाया जा सकता है। भगवान बुद्ध ने अपने संदेश में कहा था कि वैर से वैर शान्ति नहीं होता, वरन अबैर और मैत्री से ही शान्ति सम्भव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दुनिया के लाडले है और उन्हें पूरा विश्व अपना नेता मानता है। इसलिए प्रधानमंत्री के युद्ध नहीं बुद्ध के संदेश प्रसारित करने का संकल्प लेना जरूरी है। सेमिनार में डॉ. आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू, मध्य प्रदेश के पूर्व कुलपति डॉ. आरएस कुरील, सूचना आयुक्त दिलीप अग्निहोत्री, वरिष्ठ पत्रकार संतोष वाल्मीकि, लोकपाल लखनऊ आरआर जैसवार तथा डिक्की यूपी के प्रदेश अध्यक्ष मनीष वर्मा रामचन्द्र पटेल ने भी सेमिनार में अपनी बात रखी। सेमिनार की अध्यक्षता डॉ. आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल तथा संचालन प्रमोद कुमार ने किया। इस अवसर पर ट्रस्ट के पदाधिकारी अमरनाथ प्रजापति, रामचन्द्र पटेल, डॉ. सत्या दोहरे, आरडी राकेश, आईडी यादव, पीएल भारती, करुणा शंकर त्रिपाठी,  राघवेन्द्र सिंह, देवमणि सरोज, दिनेश चन्द्र, विजय बाजपेयी सहित सैकड़ो लोगों की सहभागिता रही।

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