आस्था के अनुसार भगवान कण-कण में हैं और वे सबको देते हैं, यदि यह सही है तो भक्त उन्हें देने वाले कौन होते हैं?
लखनऊ। अखिल भारतीय दलित, ओबीसी एवं माइनारटीज परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. उदितराज का कहना है कि राम मंदिर में जो डकैती हुई, उसका समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिसकी जहाँ आस्था हो, उस पर सवाल उठाने का कोई मतलब नहीं है। आस्था के अनुसार भगवान कण-कण में हैं और वे सबको देते हैं।
डॉ. उदितराज ने कहा कि यदि यह सही है तो भक्त उन्हें देने वाले कौन होते हैं? वे तो स्वयं उनसे माँगने जाते हैं। तो फिर नकद, सोना, चाँदी आदि चढ़ाने के बजाय केवल फूल-माला ही क्यों नहीं चढ़ाते? राम मंदिर के प्रबंधन को स्वयं ऐसी अपील करनी चाहिए।
बहुजनों से अपील उनकी जहाँ आस्था हो, वे उसे मानें, लेकिन अपना पैसा शिक्षा, अधिकारों की लड़ाई, सामाजिक न्याय के साहित्य तथा ज्ञान-विज्ञान पर खर्च करें
उन्होंने कहा कि वे बहुजनों से अपील करेंगे कि उनकी जहाँ भी आस्था हो, वे उसे मानें, लेकिन अपना पैसा और धन शिक्षा, अधिकारों की लड़ाई, सामाजिक न्याय के साहित्य तथा ज्ञान-विज्ञान पर खर्च करें। हालाँकि, बुद्ध, फुले, शाहू, पेरियार, अंबेडकर और कबीर को मानने वालों की आस्था मान-सम्मान और आत्मसम्मान की प्राप्ति में है। इससे न केवल उनका विकास होगा, बल्कि देश भी तरक्की करेगा।
