पिछड़ा वर्ग, दलित व अल्पसंख्यक समाज और अपने वोट की रक्षा के लिए और अधिक जागरूक रहने की आवश्यकता
आजमगढ़। आजमगढ़ के विधानसभा क्षेत्र मेहनगर के ग्राम पंचायत मिलनपुर करिया कोइलारी बुजुर्ग विकास खण्ड मोहम्मदपुर में सामाजिक संस्था बहुजन भारत के तत्वावधान में प्रबुद्धजन सम्मेलन एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने खड़े होकर संविधान की शपथ ली।

कार्यक्रम के संयोजक त्रिभुवन राम की अध्यक्षता में उनके निजी आवास पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है। बल्कि सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम है।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक समाज के सर्वांगीण विकास के संदर्भ में यह एक ऐतिहासिक असमानताओं को दूर करने की एक सुविचारित और दीर्घकालिक व्यवस्था प्रदान करता है।

कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि सदियों से चली आ रही सामाजिक,आर्थिक और शैक्षणिक विषमताओं को संविधान में समाप्त किया गया है एवं सभी भारतीय नागरिकों को समानता,स्वतंत्रता, बंधुता के अधिकार दिये गये हैं।
यह हम लोगों को जानना जरूरी है कि इस संविधान का वही लोग विरोध कर रहे हैं, जिन्होंने लोकसभा चुनाव में यह कहा था कि चार सौ से अधिक सीटें आ गयीं तो संविधान को बदल देंगे।
ये वही विचारधारा के लोग हैं जो वर्तमान संविधान बनने के समय संविधान का विरोध कर रहे थे और कह रहे थे कि मनुस्मृति के रूप में उनके पास पहले से संविधान है।

संविधान का विरोध करने वाले ये वही लोग हैं जो गैरबराबरी की सामाजिक, आर्थिक और न्यायिक व्यवस्था के पक्षधर रहे हैं, लेकिन हमारे संविधान में सभी को बराबर अधिकार दिये गये हैं।
हमें संविधान विरोधियों से सावधान रहना है, संविधान में दिये गये अधिकारों को सही ढंग से लागू करने के लिए बहुजन समाज के लोगों को सत्ता पर काबिज होना परम आवश्यक है।
कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि सत्ता की चाभी वह चाभी है, जिससे सारी समस्याओं के निराकरण के ताले खुलते हैं।
सत्ता प्राप्ति के लिए यह जरूरी है कि संविधान में दिये गये प्रावधानों के द्वारा वोट के जरिए सत्ता हासिल की जाए। सभी के वोट का अधिकार बराबर है, चाहे वह महिला हो, गरीब हो, अमीर हो या वंचित।
वोट के द्वारा ही हम सत्ता पर काबिज हो सकते हैं। कांशीराम जी ने कहा कि बहुजन समाज जिसकी उन्होंने इस नारे की सार्थकता को साबित करके देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में चार बार बहुजन समाज की सरकार बनायी। 
कांशीराम जी का बहुजन समाज और अखिलेश जी का पीडीए समाज दोनों एक ही है
कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि कांशीराम जी का बहुजन समाज और अखिलेश यादव का पीडीए समाज एक ही है।
दोनों की मंशा यही है कि दलित, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाज एकजुट होकर संविधान विरोधियों का सामना करें और उन्हें शिकस्त दें।
इसलिए अब पीडीए समाज की एकता के मजबूत होने से संविधान विरोधी ताकतें कमजोर होंगी।
कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि जब ८५ फीसदी बहुजन समाज एकजुट होकर वोट देंगे तब संविधान विरोधियों को आसानी से सत्ता से बेदखल किया जा सकेगा।

हमें अपने वोट का व्यवसाय नहीं करना चाहिए
कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान से सावधान रहने की जरूरत है। पीडीए समाज के हर व्यक्ति का उत्तरदायित्व है वह अपने-अपने बूथ पर जाकर अपने लोगों का वोट जुड़वाए।
हालांकि निर्वाचन आयोग का उत्तरदायित्व है कि वह मतदाता सूची को सही ढंग से रखे, लेकिन निर्वाचन आयोग ने यह काम मतदाताओं और राजनीतिक दलों पर छोड़ दिया है, यह उचित नहीं है। निर्वाचन आयोग की परिवर्तित नीति के कारण हम सभी को सजग, सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है।
कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि यह देखा जा रहा है कि पांच किलो राशन और चुनाव के दौरान कुछ रुपये खाते में आने के कारण बहुत से लोग अपना वोट संविधान विरोधी दलों को दे देते हैं। यह उचित नहीं है। संविधान में वोट का अधिकार महत्वपूर्ण है, हमें अपने वोट का व्यवसाय नहीं करना है। हम अपने इस वोट से अपने वर्तमान और अपनी आने वाली पीढिय़ों के भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
संविधान न होता तो समाज के कमजोर लोग आज भी हाशिए पर होते : अनिरुद्ध सिंह
कार्यक्रम को संंम्बोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि अगर संविधान न होता तो समाज के कमजोर वर्ग आज भी हाशिए पर होते। आज पंचायत से लेकर संसद तक दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों का जो प्रतिनिधित्व दिखायी देता है वह संविधान की देन है। सामाजिक न्याय की अवधारणा जो भारत में विकसित हुई है, उसकी जड़ संविधान में है।

उन्होंने कहा कि जबतक देश और उत्तर प्रदेश में हमारी सत्ता यानि पीडीए समाज की सत्ता नहीं होगी तबतक हमें हमारे अधिकार नहीं मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि देश में संविधान और आरक्षण बचाने की लड़ाई सपा प्रमुख अखिलेश यादव जी लड़ रहे हैं।
हमें समाजवादी पार्टी को मजबूत करना होगा क्योंकि जो दल बहुजन समाज की लड़ाई लड़ रहे थे, वे खामोश हैं।
ऐसी स्थिति में सपा दलितों के साथ पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है, हमें अपने अधिकारों को पाने के लिए संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे दल के साथ मजबूती से खड़ा होना पड़ेगा।

वक्ता के रूप में सेवानिवृत मुख्य विकास अधिकारी केडी राम, सेवानिवृत्त उप सचिव एलडीए देवचन्द राम,सेवानिवृत्त रजिस्ट्रार राजबलि, रामनवल पूर्व प्रमुख मेंहनगर, रामा राजभर पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन पूर्व जिला पंचायत सदस्य लालसाराम ने किया।
कार्यक्रम पूलचन्द राम, राजाराम, त्रिभुवनराम उर्फ मंत्री, डॉ. सुशील कुमार कोयलारी, राममिलन पूर्व प्रधान कोयलारी, शिवशंकर यादव वकील, जयप्रकाश मास्टर कोयलारी, अरविंद यादव कोयलारी खुर्द, राजेश सोनवारा, अतुल कुमार पावनी एडवोकेट, दिलीप कुमार, डॉ. तिलकधारी अध्यक्ष बेलहा, सिधारीराम मानपुर, राजीव दिग्वे महेन्द्र भूषण, कुतुबमणि, त्रिभुवनराम पकडिय़ा रानीपुर आदि उपस्थित रहे।