भाजपा सरकार ने दलितों-पिछड़ा वर्ग और आदिवासियों का हक छीना

कानपुर के घाटमपुर में स्मृति शेष देशराज पाल की याद में हुए कार्यक्रम में शामिल हुए असपा प्रमुख
कानपुर। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रशेखर आज़ाद ने कहा कि लेखपाल और शिक्षक भर्ती घोटाले ने दलित, पिछड़े समाज के युवाओं के भविष्य के अन्याय किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ‘संविधान के नाम पर सत्ता में बैठी सरकारों ने संविधान की आत्मा को कुचलने का काम किया है। 69000 भर्ती घोटाले में दोषी अफसरों और नेताओं को सज़ा दिलाना हमारी प्राथमिकता है। सत्ता में आते ही इन मामलों की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाएगी। ‘ चन्द्रशेखर आज़ाद ने कहा कि आज देश का बड़ा रोज़गार निजी क्षेत्र (प्राइवेट सेक्टर) में है, लेकिन वहां बहुजन समाज के लिए कोई सुरक्षित व्यवस्था नहीं है। ‘अगर सरकारी नौकरियों में अवसर सीमित हैं, तो प्राइवेट क्षेत्र में भी संवैधानिक आरक्षण लागू होना चाहिए। बिना सामाजिक न्याय के आर्थिक विकास अधूरा है।
लेखपाल-शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाला इन वर्ग के युवाओं के साथ अन्याय
उन्होंने कहा कि बहुजन समाज की बहनें आज भी शिक्षा, सुरक्षा और रोज़गार के मामले में सबसे ज़्यादा पिछड़ी हैं। ‘हमारी सरकार बहनों के लिए सरकारी नौकरियों में विशेष अवसर, सुरक्षित कार्यस्थल और पदोन्नति की गारंटी देगी। बहनें सिर्फ वोट बैंक नहीं, बदलाव की ताकत हैं। चन्द्रशेखर आज़ाद ने संसाधनों के असमान वितरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘जल, जंगल, ज़मीन और शिक्षा पर मुट्ठी भर लोगों का कब्ज़ा है। बहुजन समाज को उसका हक नहीं मिला। सत्ता में आते ही संसाधनों का न्यायपूर्ण बटवारा किया जाएगा, ताकि आखऱिी पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी सम्मान से जी सके। ‘अंत में उन्होंने कहा कि ‘अब बहुजन समाज को सिर्फ सहने वाला नहीं, हक छीनने वाला बनना होगा। लेखपाल भर्ती हो या 69000 शिक्षक भर्ती हर अन्याय का हिसाब लिया जाएगा। यह लड़ाई सत्ता की नहीं, सम्मान और अधिकार की है। ‘