उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग महासंघ की ऐतिहासिक पहल, ओरियंट होटल में PMEGP योजना पर वृहद कार्यशाला संपन्न
कानपुर। प्रदेश के युवाओं और नए उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाकर उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त करने की दिशा में उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग महासंघ ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। माल रोड स्थित ओरियंट होटल में ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) के तहत एक भव्य जागरूकता और समीक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मूल मंत्र रहा— “रोजगार लेने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनो।” यह आयोजन आने वाले समय में कानपुर और आसपास के क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
उद्यमियों के लिए खुले अवसरों के द्वार : सब्सिडी का बड़ा लाभ
कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र और खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के नोडल अधिकारियों ने नए उद्यमियों को लोन और सब्सिडी की बारीकियों से अवगत कराया।
अधिकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भारी अनुदान (सब्सिडी) दिया जा रहा है।
सामान्य वर्ग के लिए: शहरी क्षेत्र में उद्योग लगाने पर 15% और ग्रामीण क्षेत्र में 25% की सब्सिडी दी जा रही है । विशेष वर्ग के लिए (महिला, SC, ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग): शहरी क्षेत्र में 25% और ग्रामीण क्षेत्र में 35% तक की भारी सब्सिडी का प्रावधान किया गया है ।
उद्योग लगाने वाले की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। तकनीकी रूप से कुशल (ITI व पॉलिटेक्निक पास) युवाओं को इस योजना में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
फाइलें नहीं रुकेंगी, कानपुर का विकास हमारा संकल्प : सांसद रमेश अवस्थी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद श्री रमेश अवस्थी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को धरातल पर उतारने का आह्वान किया। उन्होंने महासंघ के अध्यक्ष सुरेश गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि जल्द ही एक हाई-लेवल बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें उद्योग विभाग के तमाम बड़े अधिकारी और बैंकों के प्रतिनिधि शामिल होंगे ताकि युवाओं को ऋण लेने में कोई दिक्कत न आए।
सांसद ने दृढ़ता से कहा ”विभाग कागजी कार्रवाई पूरी कर देता है, लेकिन बैंकों में उद्यमियों को दौड़ाया जाता है, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। युवाओं के रास्ते में आने वाली हर रुकावट का निस्तारण मैं खुद करूँगा। हमारा लक्ष्य है कि कानपुर में नए उद्योग लगें और यहां का गौरव वापस लौटे।”
बैंकों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल : इससे पहले, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग महासंघ के अध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने सांसद को बताया कि विभाग से फाइलें स्वीकृत होने के बाद भी बैंक लोन जारी करने में आनाकानी करते हैं, जिससे नए उद्यमियों का हौसला टूटता है। सांसद के तुरंत समाधान के आश्वासन पर सभी उद्यमियों ने हर्ष जताया।
कार्यक्रम का सफल संचालन उपेंद्र शुक्ला ने किया। उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उप क्षेत्रीय अधिकारी अशोक शर्मा ने उद्योग लगाने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। इस अवसर पर मुख्य रूप से सर्वश्री के.के. पांडे (प्रमुख सचिव, खादी ग्रामोद्योग महासंघ), विनोद गुप्ता, गणेश शुक्ला, आलोक श्रीवास्तव, अनुज सोनी, सोहनलाल कोल, विकास जयसवाल, राकेश सिंह, दीपक जी, दीपांकर मिश्रा, सुमित तिवारी, ओपी शर्मा, मनोज शुक्ला, रज्जन परिहार सहित सैकड़ों युवा व नए उद्यमी उपस्थित रहे।

