राष्ट्रपति का नहीं ये भारतीय संविधान और आदिवासी समाज का अपमान : डॉ. निर्मल

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बंगाल की सीएम ममता ने राष्ट्रपति के प्रोटोकाल का नहीं किया पालन

लखनऊ। अम्बेडकर महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं सदस्य विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सिर्फ भारत की राष्ट्रपति का ही नहीं बल्कि भारतीय संविधान का भी अपमान किया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के प्रोटोकाल का महज इसलिए पालन नहीं किया, क्योंकि वह आदिवासी समाज से आती हैं। यही वजह है कि वह राष्ट्रपति को रिसीव करने नहीं गईं। उन्होंने ऐसा करके पूरे आदिवासी और दलित समाज का अपमान किया है।

डॉ. निर्मल ने कहा कि ममता बनर्जी के इस कृत्य से उनकी जातिवादी और दलित व आदिवासी विरोधी मानसिकता उभरकर सामने आ गयी है। अम्बेडकर महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष ने कहा कि अपने समाज की राष्ट्रपति का अपमान आदिवासी और दलित समाज कभी भी नहीं भूलेगा और बंगाल राज्य में होने वाले चुनाव में ये वर्ग ममता को चुनाव में शिकस्त देकर अपने महापुरुषों, राष्ट्रपति के अपमान का बदला लेगा।

डॉ. निर्मल ने कहा कि भाजपा समरसता की सिर्फ बात ही नहीं करती बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाने के साथ ही दलित और पिछड़ा समाज में जन्में महापुरुषों को पूरा सम्मान देती है। उन्होंने कहा कि अन्य दलों और भाजपा में यही अंतर है। विपक्ष बात तो दलितों व पिछड़ों के सम्मान की करता है, लेकिन मौका मिलने पर इन वर्ग के महापुरुष हों या देश की महिला राष्ट्रपति जो आदिवासी समाज से आतीं हैं, उनका अपमान करने से कभी भी नहीं चूकते हैं।

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