कौमी मशावरत के अध्यक्ष बोले, क्या से क्या हो गया देखते-देखते
कौमी मशावरत के अध्यक्ष सैयद अबुल बरकात नजमी का कहना है कि देश और उत्तर प्रदेश में पहले भी भाजपा की सरकारें रहीं हैं, लेकिन इस तरह से सांप्रदायिक माहौल कभी भी खराब नहीं किया गया। आज की सरकार तो वोट की खातिर हिंदू-मुस्लिम कर रही है। वंदेमातरम् पर यूपी में एक बार और विवाद उठा था वर्ष 1998 में कल्याण सिंह मुख्यमंत्री थे और रविन्द्र शुक्ला बेसिक शिक्षा मंत्री थे। बेसिक शिक्षा मंत्री ने ये आदेश जारी कर दिया था कि सभी स्कूलों में वंदेमातरम् का गीत अनिवार्य रूप से गाया जाएगा।
अटल जी ने कहा मेरा पूरा जीवन हाजिर जनाब कहते निकल गया
सरकार के इस फैसले के खिलाफ लखनऊ में सभी धर्मनिरपेक्ष संगठनों की एक बड़ी सभा लखनऊ में हुई और उस सभा में यह निर्णय लिया गया कि इस फैसले का विरोध किया जाएगा और यूपी सरकार ने जो यह फैसला लागू करने का निर्णय लिया है, उसकी जानकारी प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को भी दी जाए। अटल जी को इसकी जानकारी देने का जिम्मा मुझे सौंपा गया। लिहाजा मैं दिल्ली गया और अटल जी मिला। अटल जी ने मुझसे पूछा आप क्या गुल खिला रहे हैं।
इस पर मैंने कहा कि मान्यवर गुल तो आपके यूपी के शिक्षा मंत्री खिला रहे हैं। सभी स्कूलों में वंदेमातरम् गाना अनिवार्य कर दिया है। इस पर अटल जी ने कहा कि हवा में बातें मत करिये, जब मैंने उन्हें शासनादेश दिखाया तो उन्होंने सिर्फ यही कहा कि मेरा पूरा जीवन हाजिर जनाब कहते निकल गया। इसके बाद मैं वापस चला आया।
अटल जी के दखल से वंदेमातरम् गाने का शासनादेश यूपी सरकार ने दूसरे दिन ही वापस ले लिया। बरकात साहब का कहना है कि भाजपा की सरकारों में भी आपसी भाईचारा, हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे इस दिशा में पहल होती थी। जिसकी वजह से तमाम वैचारिक मतभेदों के बावजूद आपस में वैमनस्यता नहीं रही। आज अटल जी की जयंती है, हम आज उनके जन्मदिन पर उनके द्वारा किये गये सराहनीय कार्यों को याद कर रहे हैं।