दलितों के उत्पीड़न के लिए जाना जाएगा अखिलेश सरकार का कार्यकाल :  डा. निर्मल

Share

सपा सरकार में दो लाख दलित अधिकारी रिवर्ट किए गए, जमीन आवंटन में दलितों को मिलने वाली प्राथमिकता को समाप्त किया गया  

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष एवं सदस्य विधान परिषद डा. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि यूपी में जब-जब सपा की सरकार रही चाहे उस सरकार की कमान मुलायम सिंह यादव के पास रही हो या फिर अखिलेश यादव के पास, कुल मिलाकर सपा सरकार में अगर सबसे  ज्यादा उत्पीड़न किसी का हुआ है तो वह है दलित समाज। उन्होंने कहा कि अखिलेश की सरकार में तो दलित उत्पीड़न की इंतिहा रही। इनके कार्यकाल में दो लाख दलित अधिकारी रिवर्ट कर दिए गए थे।

डॉ. निर्मल ने कहा कि अखिलेश ने नई राजस्व संहिता बनाकर दलितों को जमीन आवंटन में मिलने वाली प्राथमिकता को समाप्त कर दिया और इनके जातीय बंधुओं ने दलितों की जमीनों पर क़ब्ज़ा कर लिया। डा. आंबेडकर की मूर्तियां को तोड़ा गया, लखनऊ में इनके कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती जी की प्रतिमा की गर्दन उड़ा दी थी।

गाजियाबाद में हज हाउस के उद्घाटन में इनके चहेते मंत्री आजम खान ने डा.  आंबेडकर को भू माफिया कहा और रामपुर तारा मंडल जो डा. आंबेडकर के नाम से था उससे डा. आंबेडकर का नाम मिटा दिया।

डा. निर्मल ने कहा कि सपा स्थापना काल से ही दलित विरोधी रही है इसीलिए इन्होंने सार्वजनिक रूप से दलितों के प्रोन्नति में आरक्षण का विरोध किया और लोकसभा में आरक्षण का बिल फाड़ डाला। अपनी सरकार में इन्होंने दलितों के ठेकेदारी और आउट सोर्स में आरक्षण समाप्त कर दिया ।

डा. निर्मल ने कहा दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव द्वारा समाप्त किए गए संत रविदास नगर भदोही की बहाली की। कन्नौज मेडिकल कालेज का नाम पुनः डा. आंबेडकर के नाम से बहाल किया। डा. आंबेडकर की प्रतिमाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए 403 करोड़ बजट अवमुक्त किया। योगी जी ने दलितों की माँग पर ऐशबाग में डा. आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना की। डा. निर्मल के कहा अखिलेश ने आंबेडकर और दलितों को मिटाया तो योगी जी ने उन्हें पुनर्स्थापित कर सम्मान और सशक्तिकरण करने का कार्य किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *