अब किसी के पेट में यह दर्द नहीं हो रहा कि अयोग्य लोग नौकरी में आ रहे
लखनऊ। अखिल भारतीय दलित, ओबीसी एवं माइनारटीज परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. उदितराज मेरिट धारियों से सोशल मीडिया के जरिये संबोधित करते हुए कहा कि हेलो मेरिटधारियों, देखिए, बीजेपी ने किस तरह आरक्षण व्यवस्था को कमजोर किया है।

उन्होंने कहा कि इसका अंदाज़ा इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल से लगाया जा सकता है। इससे इनके शातिर दिमाग का भी पता चलता है। आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण (EWS) वर्ग की मेरिट कई मामलों में SC, ST और OBC से भी कम है, लेकिन अब किसी के पेट में यह दर्द नहीं हो रहा कि “अयोग्य लोग नौकरी में आ रहे हैं।”
UPSC में 104 उम्मीदवार EWS कोटे के तहत चयनित हुए गरीब सवर्ण, इनमें से 84 उम्मीदवारों ने कोचिंग ली थी, जिसकी फीस लाखों में EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लिए पात्रता के अनुसार परिवार की वार्षिक आय ₹8 लाख से कम, कृषि भूमि 5 एकड़ से कम तथा आवासीय फ्लैट 1,000 वर्ग फुट से कम होना चाहिए।
साथ ही, आवेदक SC, ST या OBC वर्ग का नहीं होना चाहिए। 2025 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 104 उम्मीदवार EWS कोटे के तहत चयनित हुए। इनमें से कम-से-कम 84 उम्मीदवारों ने UPSC की कोचिंग ली थी, जिसकी फीस अक्सर लाखों रुपये होती है।

सीजेपी की एकता को तोड़ने के लिए रिज़रवेशन हटाओ मंच (RHA) बनवा दिया गया, जवाब में SC/ST/OBC वालों ने आरक्षण बचाओ आंदोलन (ABA) मंच खड़ा कर दिया
उदितराज का कहना है कि 67 उम्मीदवार प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों में पढ़े थे, जहाँ फीस भी काफी अधिक होती है। 46 उम्मीदवार निजी (पब्लिक) स्कूलों से पढ़े थे, जिनकी फीस किसी से छिपी नहीं है।
28 उम्मीदवार व्यवसायी परिवारों से थे, जिनमें करोड़पति परिवार भी शामिल हो सकते हैं। 10 उम्मीदवारों के पास कॉर्पोरेट सेक्टर का अनुभव था, जहाँ वे लाखों रुपये के पैकेज पर कार्य कर चुके थे।
14 उम्मीदवार IIT से स्नातक थे। युवाओं एवं छात्रों (Zen Z ) की एकता ने मोदी सरकार के छक्के छुड़ा दिये और शिक्षा मंत्री को इस्तीफ़ा देना पड़ा। इनकी एकता को तोड़ने के लिए रिज़रवेशन हटाओ मंच (RHA) बनवा दिया गया है। जवाब में SC/ST/OBC वालों ने आरक्षण बचाओ आंदोलन (ABA) मंच खड़ा कर दिया है।