दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है डायबिटीस  : राजीव कुमार

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मधुमेह को  “साइलेंट किलर” भी कहा जाता है क्योंकि यह शरीर में धीरे-धीरे पनपता है और शुरुआती दौर में इसके लक्षणों को पहचानना मुश्किल होता है

​ लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट एवं डीपीआरए के प्रांतीय प्रवक्ता राजीव कुमार ने बताया कि मधुमेह (Diabetes Mellitus) वर्तमान समय में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है।

इसे अक्सर “साइलेंट किलर” भी कहा जाता है क्योंकि यह शरीर में धीरे-धीरे पनपता है और शुरुआती दौर में इसके लक्षणों को पहचानना मुश्किल होता है।

राजीव कुमार का कहना है कि एक फार्मासिस्ट और चिकित्सा दृष्टिकोण से  मधुमेह को समझना केवल इसके ब्लड शुगर स्तर को जानने तक सीमित नहीं है।

बल्कि इसके प्रकारों, पैथोफिज़ियोलॉजी (Pathophysiology), जटिलताओं और इसके समग्र प्रबंधन (Management) को गहराई से समझना अनिवार्य है। ​इस लेख में मधुमेह के ए-टू-जेड (A to Z) पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई है।

​मधुमेह क्या है? (What is Diabetes?)

राजीव कुमार का कहना है किजब हम भोजन करते हैं, तो हमारा शरीर उसे ग्लूकोज (शर्करा) में तोड़ देता है, जो हमारी कोशिकाओं को ऊर्जा प्रदान करता है।

इस ग्लूकोज को कोशिकाओं तक पहुँचाने का काम इंसुलिन (Insulin) नामक हार्मोन करता है, जो अग्न्याशय (Pancreas) की बीटा कोशिकाओं (Beta Cells) द्वारा निर्मित होता है। ​जब अग्न्याशय पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता, या शरीर इसका प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पाता, तो ग्लूकोज कोशिकाओं में जाने के बजाय रक्त में ही जमा होने लगता है। रक्त में ग्लूकोज की इसी अत्यधिक मात्रा को हाई ब्लड शुगर या डायबिटीज कहते हैं।

​मधुमेह के प्रमुख प्रकार (Types of Diabetes) ​

राजीव कुमार का कहना है कि चिकित्सीय आधार पर मधुमेह को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है: ​क) टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 Diabetes) ​कारण: यह एक ऑटोइम्यून (Autoimmune) स्थिति है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से अग्न्याशय की इंसुलिन बनाने वाली बीटा कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। ​विशेषता: इसमें शरीर में इंसुलिन का निर्माण बिल्कुल नहीं होता। ​

लक्षित वर्ग : यह आमतौर पर बच्चों और युवाओं में देखा जाता है। इसे ‘इंसुलिन-आश्रित मधुमेह’ (Insulin-Dependent Diabetes) भी कहते हैं। ​ख) टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) ​कारण: यह मुख्य रूप से इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin Resistance) के कारण होता है।

इसमें शरीर इंसुलिन तो बनाता है, लेकिन कोशिकाएं उसके प्रति सही प्रतिक्रिया नहीं देतीं। बाद में, इंसुलिन का उत्पादन भी कम हो जाता है। ​विशेषता: यह जीवनशैली, खान-पान, शारीरिक निष्क्रियता और आनुवंशिकता से गहराई से जुड़ा है। ​

लक्षित वर्ग : यह वयस्कों में सबसे आम है (कुल मामलों का लगभग 90-95%)।

​ग- जेस्टेशनल डायबिटीज (Gestational Diabetes) ​: यह गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलावों के कारण होता है।

​विशेषता : यह आमतौर पर प्रसव (Delivery) के बाद ठीक हो जाता है, लेकिन ऐसी महिलाओं को भविष्य में टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है। ​घ) प्रीडायबिटीज (Prediabetes) ​यह वह स्थिति है जहां ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक होता है, लेकिन इतना अधिक नहीं कि उसे टाइप 2 डायबिटीज कहा जा सके। सही समय पर हस्तक्षेप न होने पर यह पूर्ण मधुमेह में बदल जाता है। ​

                                                                                                                                                 अगले अंक में मधुमेह के प्रमुख लक्षण

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