बहुजन समाज वृंदावन ग्रुप ने की निशुल्क कोचिंग की शुरुआत, कक्षा 1 से लेकर के कक्षा 10 तक के बच्चों को दी जा रही निशुल्क कोचिंग
लखनऊ । बहुजन समाज वृंदावन ग्रुप के संयोजक राम कुमार गौतम ने बताया कि बहुजन जागरूकता अभियान के तहत ‘संत रविदास ज्ञान विहार कल्ली पश्चिम लखनऊ में गरीब बच्चों के लिए एक निशुल्क कोचिंग की शुरुआत जुलाई 2025 से की गयी है। इस कोचिंग में कक्षा 1 से लेकर के कक्षा 10 तक के उन बच्चों का बेसिक मजबूत कराया जा रहा है जो किसी न किसी विद्यालय में पंजीकृत हैं तथा बेसिक में अत्यंत कमजोर हैं। परिणाम स्वरूप यूपी बोर्ड की 2026 की परीक्षा में चार बच्चे, जो बेसिक के कारण अत्यंत कमजोर थे, 65 से 70% तक मार्क्स लेकर उत्तीर्ण हुए हैं।
इसी कारण शुरुआत में 5-6 बच्चों की उपस्थिति से शुरू हुई कोचिंग में वर्तमान में 40 – 45 बच्चों की संख्या पहुंच गई। फलस्वरुप बच्चों के बैठने की जगह की कमी हो गई है। इसी कारण बहुजन समाज वृंदावन ग्रुप के द्वारा कंट्रीब्यूट करके 30 फीट × 16 फीट के एक हाल का निर्माण कराया जा रहा है। इस निःशुल्क कोचिंग सेंटर पर किसी देवी देवता या सरस्वती आदि की पूजा वंदना ना हो करके संविधान की प्रार्थना होती है, जो अन्य विद्यालयों व कोचिंग सेंटरों से इस कोचिंग को विशिष्ट बनाता है।
राम कुमार गौतम ने कहा कि बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि, “शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पियेगा वह दहाड़ेगा”। संविधान के आर्टिकल 21ए में 6 वर्ष से 14 वर्ष की उम्र तक के बच्चों की निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था भी की।परंतु छुआछूत, ऊंच नीच गैर बराबरी की पोषक व्यवस्था के कर्णधारों ने निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था को शिक्षा का निजीकरण करके नष्ट भ्रष्ट कर दिया।

आज सरकारी स्कूलों की शिक्षा को केवल साक्षर बनाने का साधन बना दिया गया है और इन स्कूलों में अधिकांशतः एससी एसटी व ओबीसी के बच्चे ही पढ़ते हैं। प्राइवेट स्कूलों की फीस इतनी महंगी कर दी गई है कि खेती करने वाला, मजदूरी करने वाला, गरीब, शोषित, वंचित व्यक्ति इन स्कूलों की तरफ अपने बच्चों को भेजने की सोच भी नहीं सकता है। इसके बाद महंगी कोचिंग की व्यवस्था करके दूसरा बैरियर लगा दिया गया। फिर भी यदि कोई बच्चा किसी तरह से आईआईटी, नीट आदि के लिए सेलेक्ट हो गया तो उसके पास वहां भरने के लिए महंगी फीस नहीं है, क्योंकि पहले दाखिला जीरो बैलेंस पर होता था अब दाखिले के समय महंगी से महंगी फीस भरनी होती है।
यदि इन सब के बावजूद भी शोषित वंचित बहुजन समाज का कोई बच्चा किसी भी सेवा के कंपटीशन को बीट करते हुए इंटरव्यू तक पहुंच गया तो NFS का फैशन चल गया है। अब शोषित वंचित समाज के बच्चों के लिए शिल्पकार की ट्रेनिंग दिलाकर पुश्तैनी पेशा अपनाने पर बल दिया जा रहा है ताकि ये बच्चे उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त करके डॉक्टर, इंजीनियर, पीसीएस, आई ए एस, पीपीएस आईपीएस आदि नीति निर्धारक अधिकारी न बन सके। बाबा साहब के उपरोक्त कथन और सपने को ध्यान में रखते हुए, “बहुजन समाज वृंदावन ग्रुप” ने ‘संत रविदास ज्ञान विहार” कल्ली पश्चिम लखनऊ में गरीब बच्चों के लिए एक निशुल्क कोचिंग की शुरुआत जुलाई 2025 से की है। इस कोचिंग में कक्षा 1 से लेकर के कक्षा 10 तक के उन बच्चों का बेसिक मजबूत कराया जाता है जो किसी न किसी विद्यालय में पंजीकृत हैं तथा बेसिक में अत्यंत कमजोर हैं।
परिणाम स्वरूप यूपी बोर्ड की 2026 की परीक्षा में चार बच्चे, जो बेसिक के कारण अत्यंत कमजोर थे, 65 से 70% तक मार्क्स लेकर उत्तीर्ण हुए हैं। इसी कारण शुरुआत में 5-6 बच्चों की उपस्थिति से शुरू हुई कोचिंग में वर्तमान में 40 – 45 बच्चों की संख्या पहुंच गई। फल स्वरुप बच्चों के बैठने की जगह की कमी हो गई है। इसी कारण बहुजन समाज वृंदावन ग्रुप के द्वारा कंट्रीब्यूट करके 30 फीट × 16 फीट के एक हाल का निर्माण कराया जा रहा है। इस निःशुल्क कोचिंग सेंटर पर किसी देवी देवता या सरस्वती आदि की पूजा वंदना ना हो करके संविधान की प्रार्थना होती है, जो अन्य विद्यालयों व कोचिंग सेंटरों से इस कोचिंग को विशिष्ट बनाता है।