डॉ. उदितराज ने अनिल राज को सामाजिक आंदोलनों में सक्रिय रहने और यूजीसी के समर्थन में किये गये प्रदर्शनों से प्रभावित होकर सौंपी जिम्मेदारी
लखनऊ। दलित, ओबीसी, माइनारिटीज, आदिवासी परिसंघ (डोमा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. उदितराज ने अनिल राज कोरी को डोमा की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स एंड यूथ फ्रंट का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया है। अनिल राज लंबे समय से डोमा संगठन के लिए काम कर रहे हैं और यूपी की छात्र राजनीति में सक्रिय हैं।

यूजीसी के समर्थन में लंबा आंदोलन चलता तो आज केन्द्र सरकार को इसे लागू करने के लिए मजबूर होना पड़ता
अनिल राज ने यूजीसी लागू करने की मांग को लेकर लखनऊ विश्वविद्यालय कैंपस से लेकर यूपी के विभिन्न जिलों में छात्रों के साथ मिलकर प्रदर्शन किये और इस मुद्दे पर आंदोलन भी चलाया। उनका कहना है कि यही बहुजन समाज यानि दलित, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाज के लोगों का दुर्भाग्य है कि वे अपने अधिकारों के लिए भी मुखर होकर आंदोलन नहीं करते। लोकतांत्रिक तरीके से यूजीसी के समर्थन में लंबा आंदोलन चलता तो आज केन्द्र सरकार को इसे लागू करने के लिए मजबूर होना पड़ता। जबकि यूजीसी के विरोध में सभी सवर्ण संगठन और विभिन्न दलों में शामिल सवर्ण नेताओं ने खुलकर इस बिल का विरोध किया, जबकि हमारे समाज के नेता इसके समर्थन में नहीं आये।
जबकि केन्द्र की भाजपा सरकार की यूजीसी बिल को लागू करना चाह रही थी और इसीलिए इस विधेयक को पास कराने के लिए संसद में रखा था। यूजीसी के पक्ष में कमजोर समर्थन और विरोध में मुखर आंदोलन के कारण इस बिल पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दलित, पिछड़ा वर्ग (OBC) एवं मुस्लिम समाज की एकजुटता ही सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त आधार बन सकती है। साथ ही उन्होंने युवाओं को संगठन से जुड़कर नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
सम्मेलन के दौरान एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक निर्णय लेते हुए चौधरी अनिल राज कोरी को नेशनल स्टूडेंट्स एंड यूथ फ्रंट का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
