चन्द्रशेखर और मायावती भाजपा की बी टीम : उदितराज

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भाजपा को फायदा पहुंचाने व राजनीति में विपक्षी दलों का खेल बिगाड़ने के लिए काम कर रही आज़ाद समाज पार्टी

कमल जयंत

लखनऊ। दलित, ओबीसी, माइनारिटीज, आदिवासी परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. उदितराज ने कहा कि बसपा प्रमुख मायावती और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रशेखर आजाद भाजपा की बी टीम हैं और ये दोनों नेता भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। भाजपा को चुनाव जिताने के लिए ये दोनों नेता उनकी सहूलियत के हिसाब से अपनी पार्टी में प्रत्याशी तय करते हैं।

केन्द्र से भाजपा को हटाने के बजाय उसे स्थापित रखना चाहती हैं बसपा

उदितराज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव के पहले केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने करीबी भूपेन्द्र यादव को मायावती के पास भेजा और उन्हें कहलवाया कि शाह जी चाहते हैं कि बसपा छत्तीसगढ़ में अजित जोगी की पार्टी के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़े।

डॉ. उदितराज लखनऊ स्थित भारतीय बौद्ध संस्थान में डोमा द्वारा आयोजित बाबा साहब साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मायावती ने छत्तीसगढ़ में अजित जोगी की पार्टी के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा और नतीजा सामने है, वहां भाजपा की सरकार है। मायावती विपक्ष में रहकर केवल सपा और कांग्रेस के खिलाफ ही बयान देती हैं जबकि वह भाजपा के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोलतीं। इससे साफ है कि वह केन्द्र से भाजपा को हटाने के बजाय उसे स्थापित रखना चाहती हैं। इसके पीछे उनका डर है या कोई और मजबूरी यह तो उन्हें भी मालूम होगा, लेकिन उनके बयान और अभियान से यही लगता है कि वह भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए ही सारे फैसले लेती हैं।

संविधान को खत्म करने की साजिश कर रही है  भाजपा

उन्होंने कहा कि बहुत ही दुख और शर्म की बात है कि संविधान को खत्म करने की साजिश में लगी भाजपा को दलित समाज के नेता ही सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दलित उत्पीड़न, महिला उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रहीं हैं। भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व घोषित तौर पर संविधान खत्म करने की बात कर रहा है, उनके खिलाफ बोलने के बजाय मायावती विपक्ष के नेताओं को ही अपने निशाने पर रखतीं हैं।

डोमा प्रमुख ने कहा कि यही हाल आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रशेखर आजाद का है। हालांकि उन्होंने मंच से चन्द्रशेखर आजाद का नाम तो नहीं लिया, लेकिन बिना नाम लिये ही कहा कि एक दलित नेता जो दलितों की राजनीति कर रहे हैं। सहारनपुर जेल में बंद थे, जब वह जेल से रिहा हुए तो उन्हें जेल से लेने के लिए सहारनपुर जिले के जिलाधिकारी और एसएसपी पहुंचे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह दलितों की लड़ाई लड़ रहे हैं या भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए राजनीति में विपक्षी दलों का खेल बिगाड़ने  के लिए काम कर रहे हैं। कार्यक्रम को विजय बहादुर यादव, जगजीवन प्रसाद, विनेश ठाकुर, अनिल राज कोरी, सुषमा रावत आदि ने सम्बोधित किया।

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