मुतमइन तू कि तेरे पांव से कांटा निकला, हम भी खुश हैं कि तेरी कैद से आजाद हुआ
लखनऊ। आल इंडिया इत्तेहाद-ए-मिल्लत कन्वेंशन की ओर से न्यू हैदराबाद स्थित बांदी हाउस में राजधानी के 4 प्रतिष्ठित चिकित्सकों और शिया व सुन्नी चांद कमेटियों के अध्यक्षों को अवार्ड दिए गये। इस मौके पर देश के नामचीन शायरों ने अपनी शायरी से महफ़िल में चार चांद लगा दिए। जस्टिस कमर हसन रिजवी, आल इंडिया इत्तेहाद-ए-मिल्लत कन्वेंशन के अध्यक्ष सिराज मेहदी, शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास और मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने चिकित्सकों को उनकी लम्बी चिकत्सकीय सेवाओं के लिए स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
डॉ. कौसर उस्मान, प्रो. अब्बास मेहदी, डॉ. राजीव गर्ग और डॉ. विपुल प्रकाश को किया गया सम्मानित
सम्मानित होने वाले चिकित्सकों में केजीएमयू के मेडिसिन विभाग में प्रोफ़ेसर डॉ. कौसर उस्मान, एरा चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अब्बास मेहदी, केजीएमयू के प्रोफ़ेसर डॉ. राजीव गर्ग और मेदांता अस्पताल के डॉ. विपुल प्रकाश को सम्मानित किया। इस मौके पर वासिफ फारुकी के संचालन में हुए मुशायरे में अंतरराष्ट्रीय ख्याति के शायरों ने अपने कलाम पढ़े। मंजर भोपाली ने सुनाया :- क्या आपको ये रौशनी अच्छी नहीं लगती, क्यों आप चिरागों को बुझाने में लगे हैं। उनका यह शेर भी पसंद किया गया :- दर्द मीरा का प्यासा भजन दर्द ही मीर की है गजल, दर्द नगमा है जिस साज का दिल वो टूटा हाउ साज है।

शबीना अदीब ने गजल खामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई-नई है भी सुनाई
शबीना अदीब ने कहा :- गजल में फूल नहीं दिल के जख्म ताकूंगी, की शायर हूं गजल की मैं दस्तकार नहीं। लोगों की मांग पर उन्होंने मशहूर गजल खामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई-नई है भी सुनाई। जौहर कानपुरी के ये शेर खूब पसंद किये गये :- मुतमइन तू कि तेरे पांव से कांटा निकला, हम भी खुश हैं कि तेरी कैद से आजाद हुआ। हसन काजमी ने दुनिया भर में मशहूर गजल खूबसूरत हैं आंखें तेरी रात को जागना छोड़ दे, खुद बखुद नींद आ जायेगी तू मुझे सोचना छोड़ दे, सुनाई।
मशहूर शायर वासिफ फारुकी का यह अंदाज काबिल-ए-गौर रहा :- जो चाहता था जमाने में सुर्खरू होना, उसे अपने ही घर में जलील होना पड़ा। नौजवान शायर तबरेज राना ने सुनाया :- जीने से यूं तो अच्छा है मर जाना चाहिए, दस्तार के साथ में सर जाना चाहिए। इस मौके पर पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डॉ. अम्मार रिजवी, पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व डीजीपी जावीद अहमद, मुईद अहमद, पूर्व चीफ कमिश्नर इनकम टैक्स एस आर मलिक, आसिम वकार, इंसराम अली, अमीर हैदर, नदीम अशरफ जायसी, अब्दुल मन्नान, पपलू लखनवी आदि की मौजूदगी उल्लेखनीय रही।
