धर्म और स्नान पर सियासी हस्तक्षेप से बढ़ रहा तनाव : मायावती

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राजनीति को धर्म से जोड़ने के हैं कई खतरे 

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने प्रयागराज में चल रहे धार्मिक विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी किसी भी धर्म के पर्व, त्योहार, पूजापाठ, स्नान आदि में राजनीतिक लोगों का हस्तक्षेप एवं प्रभाव पिछले कुछ वर्षों से काफी बढ़ गया है, जो नये-नये विवाद, तनाव व संघर्ष आदि का कारण बन रहा है, यह सही नहीं है तथा इन सबको लेकर लोगों में दुख एवं चिन्ता की लहर स्वाभाविक है।

संविधान व कानून जनहित को ही राष्ट्रीय धर्म मानकर राजनीति को धर्म से और धर्म को राजनीति से दूर रखता है

बसपा प्रमुख ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि वास्तव में संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ के लिये धर्म को राजनीति तथा राजनीति को धर्म से जोडऩे के कई ख़तरे हमेशा बने रहते हैं तथा प्रयागराज में स्नान आदि को लेकर चल रहा विवाद, एक-दूसरे का अनादर व आरोप-प्रत्यारोप इसका ताजा़ उदाहरण है। इससे हर हाल में ज़रूर बचा जाना ही बेहतर है।
वैसे भी देश का संविधान व कानून ईमानदारी से जनहित व जनकल्याणकारी कर्म को ही वास्तविक राष्ट्रीय धर्म मानकर राजनीति को धर्म से तथा धर्म को राजनीति से दूर रखता है, जिस पर सही नीयत व नीति से अमल हो, ताकि राजनेतागण अपना सही संवैधानिक दायित्व, बिना किसी द्वेष व पक्षपात के, सर्वसमाज के सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक हित में ईमानदारी व निष्ठापूर्वक निभा सकें, वर्तमान हालात में भी लोगों की यही अपेक्षा। अत: प्रयागराज में स्नान को लेकर चल रहा कड़वा विवाद आपसी सहमति से जितना जल्द सुलझ जाये उतना बेहतर। इसके साथ ही, आज ’उत्तर प्रदेश दिवस’ की सभी लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें।

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