पेपरलीक मामले में छात्रों की एकजुटता के आगे शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा

आजमगढ़। जनपद आजमगढ़ के विधानसभा क्षेत्र सगड़ी के ग्राम पंचायत खालिसपुर लछिया विकास खण्ड में सामाजिक संस्था बहुजन भारत के तत्वावधान में अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के समग्र विकास में भारत के संविधान का महत्त्व विषय पर प्रबुद्ध जन सम्मेलन एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक मुन्नीलाल थे और कार्यक्रम की अध्यक्षता रामसूरत ने की। कार्यक्रम प्रारंभ करने से पहले जनपद आजमगढ़ के निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक एवं वयोवृद्ध नेता आलम बदी जी के निधन पर प्रबुद्ध जनों द्वारा अपने स्थान पर खड़े होकर 2 मिनट का मौन धारण किया गया, इसके बाद संविधान की शपथ ली।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस कुंवर फ़तेह बहादुर ने कहा कि अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समाज के लोगों को संविधान के महत्व को समझना होगा। क्योंकि संविधान से ही हमें सारे अधिकार मिले हैं और संविधान में प्रदत्त अधिकारों को हासिल करके ही हम अपना एवं आने वाली पीढ़ी का जीवन सुधार सकते हैं।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ आंबेडकर ने संविधान सभा के अंतिम भाषण में कहा था कि यह संविधान बहुत अच्छा है यदि इसे लागू करने वालों की नीयत एवं मन्शा अच्छी हो तो यह विश्व का सबसे अच्छा संविधान होगा यदि संविधान लागू करने वालों की नीयत एवं मन्शा अच्छी नहीं रही तो यह सबसे खराब संविधान साबित होगा। यह संविधान वही लागू कर सकता है जो सरकार में है । इसीलिए सत्ता में काबिल होना जरूरी है। समाज के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है जब आपकी अपनी सरकार होगी तब आप संविधान में दिए गए अधिकारों को लागू कर सकेंगे।

कुंवर फ़तेह बहादुर ने कहा कि आप जानते हैं कि सरकारों की स्थापना आपके वोट के द्वारा ही होती है यह वोट का अधिकार संविधान ने दिया है, सत्ता की प्राप्ति वोट के माध्यम से ही संभव है। इसी सत्ता को बाबा साहब अंबेडकर और कांशीराम जी ने मास्टर चाभी कहा था और सत्ता की इस मास्टर चाभी से ही हमे सारे अधिकार प्राप्त होंगे एवं हमारी समस्याओं का निवारण होगा। इस मास्टर चाभी को प्राप्त करने के लिए पीडीए समाज को एकजुट होना पड़ेगा एकजुट होकर ही हम लोग संविधान विरोधी ताकतों को सत्ता से बेदखल कर पाएंगे।

उन्होंने कहा कि जब 1992 में बाबरी मस्जिद गिराई गयी और 1993 में यूपी में विधानसभा का चुनाव हुआ तब उस समय कांशीराम जी ने मुलायम सिंह जी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और राज्य में सपा-बसपा गठबंधन की सरकार बनाई। यह सरकार 1995 में संविधान विरोधी ताकतों के षड़यंत्र का शिकार हो गयी और सपा-बसपा अलग-अलग हो गयी।
यह हमें हमेशा ध्यान रखना होगा कि जो संविधान विरोधी ताकतें हैं वह दलितों, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाज को एक नहीं होने देंगी। इन्हें अलग-अलग करने के लिए हर संभव साजिश करती रहेंगी , इससे बहुजन समाज के लोगों को सतर्क रहना होगा।

कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में जब सपा और बसपा फिर इकट्ठा हुई और यूपी में मिलकर चुनाव लड़ा, लेकिन संविधान विरोधी शक्तियों ने इन्हें ज्यादा दिनों तक एकजुट नहीं रहने दिया। एक महीने में बसपा ने इस गठबंधन को तोड़ दिया। इस गठबंधन को तोड़ने में मुख्य भूमिका संविधान विरोधी ताकतों की रही।
वह जानते हैं कि अगर यह दोनों एक साथ हो जाएंगे तो हम सब सत्ता पर कभी काबिज नहीं हो पाएंगे। 2024 के लोकसभा चुनाव में संविधान विरोधी ताकतों का मनोबल इतना बढ़ा कि उनके लोग कहने लगे कि अगर 400 सीट मिल गई वे संविधान बदल देंगे। इसका प्रभाव दलितों, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाज पर पड़ा।

इसका नतीजा यह हुआ कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता में आई, सपा दूसरे नंबर पर आई और बसपा को करारी हार झेलनी पड़ी। विधानसभा की 403 में से मात्र एक सीट ही बसपा जीत पायी। जिससे यह स्पष्ट होता है कि जब-जब दलितों, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के बीच बिखराव होगा तो इसका सीधा लाभ संविधान विरोधी ताकतों को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि 2024 में उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के लोगों को पता लगा कि संविधान बदलने की बात चल रही है और अखिलेश यादव ने जब PDA की बात कही तब अनुसूचित जाति पिछड़ा वर्ग ने मिलकर इंडिया गठबंधन में शामिल कांग्रेस-सपा गठबंधन को वोट किया। जिसकी वजह से सपा की 37 सीट आई और कांग्रेस को 6 सीट मिली। और इसी का परिणाम था कि भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिल पाया। हम लोगों को अपने वोट की कीमत समझनी पड़ेगी।
संविधान विरोधी लोग तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। कैसे आपका अधिकार को सीमित किया जाए और आपके वोट के अधिकार को खत्म किया जाए। अब हम लोगों को यह भी देखना पड़ेगा कि बाबा साहब ने जो वोट का अधिकार दिया है उस वोट के अधिकार में इतनी शक्ति है कि जिससे हम सत्ता की प्राप्ति कर सकते हैं। हम अपने वोट की ताकत से बच्चों के भविष्य का निर्माण कर सकते हैं, उस वोट को इतने सस्ते में किसी को ना दें। जैसे 5 किलो राशन मिल गया और ₹10000 मिल जाए तो उससे खुश होकर अपने वोट का सौदा ना करें।

कुंवर फ़तेह बहादुर ने कहा कि हम पीडीए की एकता को मजबूत बनाये ताकि यूपी में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्ता प्राप्त कर सकें, जिससे संविधान के अनुसार पीडीए समाज के मान-सम्मान और उनके अधिकार की प्राप्ति के लिए काम किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांशीराम जी का बहुजन समाज और अखिलेश यादव जी का पीडीए समाज दोनों एक ही है, इसलिए दलितों, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों को इससे भ्रमित होने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि एकता में इतनी ताकत है, अभी हाल में हमनें देखा कि पेपर लीक मामले में जब छात्रों ने एकजुट होकर आन्दोलन किया तो केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। संस्था के अध्यक्ष ने एसआईआर पर कहा कि आप अपने वोट के बारे में खुद जानकारी रखिये, किसी अन्य के भरोसे मत रहिये। आप सभी प्रबुद्ध लोग हैं अपने बीएलओ से मिलकर मतदाता सूची में अपना एवं अपने परिवार और आस-पड़ोस के लोगों का नाम सही कराइए। अगर मतदाता सूची में नाम नहीं है तो उसे जुडवाइए और पीडीए समाज के सभी लोग एकजुट होकर संविधान विरोधी ताकतों के खिलाफ अपना वोट डालिए।
उन्होंने कहा कि आप सभी लोगों से मेरा विशेष रूप से गरीब समाज के लोगों से अनुरोध है कि कि जो 5 किलो राशन लेते हैं, वे अपने वोट के महत्व को समझें और 5 किलो राशन व ₹10000 के पीछे ना जाएं क्योंकि अगर आपने इसके लालच में संविधान विरोधी ताकतों को वोट दिया तो फिर आप ना सिर्फ अपना बल्कि अपने बच्चों का भविष्य भी अंधकारमय बनाएंगे।
भारत का संविधान करोड़ों वंचितों, शोषितों, और उपेक्षित लोगों के सपनों का घोषणा पत्र- अनिरुद्ध सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि जब देश आजाद हुआ तबसे भारतीय समाज में गहरी असमानता थी। लोगों को उनकी जाति धर्म और आर्थिक स्थिति के आधार पर बांटा गया था। ऐसे समय में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी द्वारा दिए गए संविधान ने यह सुनिश्चित किया कि भारत का लोकतंत्र केवल कुछ लोगों का नहीं बल्कि हर नागरिक का लोकतंत्र होगा एक ऐसा लोकतंत्र जो न्याय समानता और सम्मान पर आधारित होगा।

भारत का संविधान एक तरह से करोड़ों वंचितों, शोषितों, और उपेक्षित लोगों के सपनों का घोषणा पत्र है। यह उन लोगों की आवाज है जिन्हें सदियों तक सामाजिक और आर्थिक अधिकारों से दूर रखा गया। विशेष रूप से पीडीए समाज जिसमें पिछड़े दलित और अल्पसंख्यक समुदाय आते हैं उनके लिए संविधान आशा सुरक्षा और सम्मान का सबसे बड़ा आधार बना।
अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि हमें आत्म चिंतन करने की जरूरत है तब हमें लगेगा कि इस संविधान से वास्तव में हमारे जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन आया है। हम जिस दिन संविधान में पीड़ीए समाज के लिए प्रदत्त अधिकारों के बारे में पढ़ लेंगे, उसी दिन यह संविधान दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के लिए प्रभावशाली होगा।
अंत में एक बार फिर मैं अपने युवा भाइयों और बहनों से कहना चाहता हूं कि आइये हम सब मिलकर कंधे से कंधा मिलाकर चलें आपकी ऊर्जा मेहनत और संकल्प से हम एक बेहतर और मजबूत समाज का निर्माण कर सकते हैं। साथ ही मैं अपने बुजुर्गों और वरिष्ठ जनों से विनम्र निवेदन करता हूं कि वह हमें अपना आशीर्वाद और मार्गदर्शन देते रहें। आपका अनुभव और स्नेह ही हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा और शक्ति है। यह हमारे जीवन से जुड़े हुए महत्वपूर्ण बिंदु हैं, इस पर हमको मिलकर विचार करना चाहिए। जय भीम जय संविधान जय हिंद।
सर्वप्रथम कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुंवर फतेह बहादुर सेवा निवृत (IAS) पूर्व प्रमुख सचिव गृह उत्तर प्रदेश तथा विशिष्ट अतिथि अनिरुद्ध सिंह देवचंद राम सेवानिवृत्त उपसचिव, राजबली सेवानिवृत्ति ऑडिटर, जीएस प्रियदर्शी सेवा निवृत बैंक मैनेजर, राम नवल पूर्व प्रमुख मेंहनगर, रामानंद राजभर पूर्व जिला पंचायत सदस्य तरवां आदि लोगों ने बाबा साहब के प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में जीएस प्रियदर्शी सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर, राजबली पूर्व ऑडिटर, देवचंद राम लेवानिवृत उपसचिव, डॉ. लच्छन, श्यामराज मास्टर, राम नवल पूर्व प्रमुख ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन लालसाराम पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने किया। कार्यक्रम स्थल पर शेषमणि, बेचूराम सेवानिवृत कानूनगो, अशोक कुमार, अनिल कुमार सहायक अध्यापक, रवींद्र कुमार प्रबंधक, रामसूरत राजभर, लालधर भारती, संतलाल, सतीश शशि कुमार, डॉक्टर धर्मद्र, डाक्टर तिलकधारी, सिधारी राम मानपुर, जयराम यादव, राजकुमार सचिव, अजय कुमार, जितेंद्र यादव, रामनाथ यादव, दिलीप कुमार एडवोकेट, राजीव दिगवे, नंदलाल यादव पूर्व चेयरमैन जीयनपुर, आशीष, अमरेश, कुमार फेकू राम मोनू आदि उपस्थित रहे ।