बीमारों को मिलता जीवन, है ममता का वास यहाँ
बलरामपुर अस्पताल के 157 वर्ष पूरे होने पर अस्पताल के डॉक्टरों,कर्मचारियों ने चिकित्सालय के गौरवमयी इतिहास को कविता में पिरोया, ये कविता सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

एक सदी से ऊपर बीता, सेवा का संकल्प पुराना है,
बलरामपुर चिकित्सालय का, गौरवमयी अफसाना है।
157 वर्षों की गरिमा, जन-जन का विश्वास यहाँ,
बीमारों को मिलता जीवन, है ममता का वास यहाँ।
?न केवल उत्तम उपचार मिले, यहाँ शिक्षा की भी धार है,
नर्सिंग और चिकित्सा के पथ पर, उन्नति का विस्तार है।
डॉ. कविता आर्य जी के कुशल निर्देशन में, बढ़ रहा मान यहाँ,
हर पीड़ित के जख्मों पर, लग रहा प्रेम का मरहम यहाँ।
माननीय मंत्रियों और दिग्गजों का, मिला यहाँ सानिध्य सदा,
मरीज के चेहरे की मुस्कान ही, है सबसे बड़ी उपलब्धि सदा।
तपस्या है डॉक्टरों की, और नर्सों का त्याग यहाँ,
गूँज रहा है मानवता का, पावन मंगल राग यहाँ।
स्थापना दिवस के इस उत्सव पर, हम सब मिलकर शीश झुकाते हैं,
अतुलनीय इस सेवा-यात्रा को, सादर नमन पहुँचाते हैं।