डीपीआरए के प्रांतीय प्रवक्ता ने विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस पर दी हार्दिक शुभकामनाएं

लखनऊ। डीपीआरए के प्रांतीय प्रवक्ता एवं जिला अध्यक्ष, डीपीआरए लखनऊ राजीव कुमार ने कहा कि बुजुर्ग हमारे घर की वो छांव हैं, जिनकी मौजूदगी मात्र से जिंदगी की धूप आसान हो जाती है। वे अनुभव का वो समंदर हैं, जहाँ हर लहर में जिंदगी की कोई न कोई सीख छिपी होती है।
बुजुर्गों के नाम खास पंक्तियाँ
ज़िंदगी की तल्ख़ियों को मुस्कुरा कर पी गए,
अपने बच्चों के लिए वो हर मुसीबत सह गए।
घर की नींवों में छुपे हैं उनके ही तो हाथ,
साया बनके सिर पे जो हर मोड़ पर साथ रह गए।
यह बाल ऐसे ही सफ़ेद नहीं हुए जनाब,
धूप-छांव ज़िंदगी की सब इन्होंने देखी है।
बैठो कभी पास तो मालूम होगा तुमको,
किताबों से परे भी एक दुनिया इन्होंने सीखी है।
बुजुर्गों के सम्मान में हमारा कर्तव्य
वक्त का तोहफ़ा : राजीव कुमार ने कहा कि उन्हें किसी महंगे उपहार की नहीं, बस आपके थोड़े से प्यार भरे वक्त और तवज्जो की ज़रूरत होती है।
अनुभव की कद्र : घर के फ़ैसलों में उनकी राय लें; उनका अनुभव बड़े से बड़े संकट को टालने का हुनर रखता है।
अहसास-ए-अहमियत: उनसे बातें करें, उनके दौर के किस्से सुनें। इससे उन्हें अकेलापन महसूस नहीं होगा।
”जिनके होने से मुकम्मल होता है घर का हर कोना,
उन बुज़ुर्गों के साए को तुम कभी खोने न देना।”
आइए, आज के दिन यह वादा करें कि हम अपने घर और समाज के हर वरिष्ठ नागरिक को सम्मान, सुरक्षा और ढेर सारा प्यार देंगे।