किसी जाति का नहीं बल्कि गैर बराबरी के आधार पर सामाजिक व्यवस्था लागू करने की मंशा रखने वालों का विरोधी है पीडीए समाज

आजमगढ़। आजमगढ़ के विधानसभा क्षेत्र अतरौलिया के ग्राम पंचायत बनकट जगदीश विकासखंड कोयलसा में सामाजिक संस्था बहुजन भारत के तत्वावधान में अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा वर्गों एवं अल्पसंख्यक वर्गों के समग्र विकास में संविधान के महत्व विषय पर प्रबुद्ध जन सम्मेलन एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि संविधान केवल कानूनी दस्तावेज नहीं है बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर का आधार भी है।
बाबा साहब ने संविधान सभा में अपने अंतिम भाषण में कहा था कि यह संविधान बहुत अच्छा है यदि इसे लागू करने वालों की नीयत एवं मन्शा अच्छी हो तो यह विश्व का सबसे अच्छा संविधान होगा यदि संविधान लागू करने वालों की नीयत एवं मन्शा अच्छी नहीं रही तो यह सबसे खराब संविधान साबित होगा। सत्ता की प्राप्ति के लिए केंद्र व राज्यों में अपनी विचारधारा की सरकार बनाना जरूरी है। आपकी अपनी सरकार आपके अपने वोट से बनेगी और संविधान में सभी को एक वोट का अधिकार है। हम अपनी सरकार बनाकर संविधान में प्रदत्त अधिकारों को लागू कर सकते हैं। कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि बहुजनों को ये देखना होगा कि संविधान का विरोध और संविधान बदलने की बात करने वाले कौन लोग हैं। दरअसल ये वही लोग हैं जो संविधान निर्माण के समय कह रहे थे कि भारत को नए संविधान की जरूरत नहीं है बल्कि मानुस्मृति के रूप में पहले से ही हमारे पास अपना संविधान है।
सपा-बसपा गठबंधन सरकार में बहुजनों के हित में किये बहुत सारे काम
कुँवर फतेह बहादुर ने कहा कि बहुजन नायक कांशीराम जी ने नारा दिया था जिसकी जितनी संख्या भारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी, वोट हमारा राज तुम्हारा नहीं चलेगा।
इस नारे को धरातल पर लागू करने के लिए उन्होंने 85 फीसदी बहुजन समाज जिनमें दलित, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाज शामिल है।
इन्हें एकजुट किया और 1993 में मुलायम सिंह यादव के साथ मिलकर यूपी में सपा- बसपा गठबंधन की सरकार बनाई और संविधान विरोधी ताकतों को शिकस्त दी।
मुलायम सिंह यादव की सरकार में बहुजनों के हित में बहुत सारे काम हुए, लेकिन दुर्भाग्यवश ये गठबंधन टूट गया।
लेकिन 2019 में एक बार फिर बहुजनों को एकजुट करने के लिए अखिलेश यादव जी ने मायावती जी के साथ गठबंधन करके यूपी में लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन ये गठबंधन भी एक माह में समाप्त हो गया।
कुँवर फतेह बहादुर ने कहा कि बहुजन समाज पर किसी एक दल का विशेषाधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात में जो भी दल बहुजनों के अधिकार की लड़ाई लड़ेगा बहुजन समाज उसी का साथ देगा। देश में संविधान और आरक्षण दोनों ही खतरे में है, अगर हम संविधान बचाने में सफल नहीं हुए तो संविधान विरोधी ताकतें हमारे संविधान को बदलकर देश में फिर से गैर बराबरी के आधार पर स्थापित सामाजिक व्यवस्था को लागू करने में सफल हो जायेंगे। हमें संविधान विरोधी ताकतों को सत्ता में आने से रोकने के लिए पांच किलो मुफ्त राशन के लिए अपने वोट का सौदा करना बंद करना होगा। तभी पीडीए समाज संविधान विरोधी ताकतों को यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्ता में आने से रोककर खुद अपनी सरकार बनाने में सफल हो पाएगा।

समाजवादी पार्टी ने पीडीए समाज को एकजुट कर यूपी में लोकसभा चुनाव में संविधान विरोधियों को शिकस्त दी
कुँवर फतेह बहादुर ने कहा कि 2024 में लोकसभा चुनाव में संविधान विरोधी ताकतों को सत्ता में आने से रोकने के लिए समाजवादी पार्टी ने पीडीए समाज को एकजुट कर यूपी में कांग्रेस यानि इंडिया गठबंधन से चुनाव लड़ा और इस गठबंधन ने यूपी में 43 सीटें जीतीं जिनमें 37 सपा व 6 सीट कांग्रेस ने जीती।
इसका नतीजा यह रहा कि संविधान का विरोध करने व संविधान बदलने की बात करने वाले लोग अपने दम पर पूर्ण बहुमत भी नहीं ला सके, उन्हें केंद्र में सरकार बनाने के लिए अपने सहयोगी दलों का सहारा लेना पड़ा।
इससे यह साफ है कि अगर दलित, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाज एकजुट होकर वोट करे तो बहुत ही आसानी से संविधान विरोधियों को शिकस्त दी जा सकती है।
कुंवर फ़तेह बहादुर ने बताया कि पीडीए समाज और बहुजन समाज एक ही है। इसलिए हमें पीडीए और बहुजन समाज को लेकर भ्रमित नहीं होना है। पीडीए समाज का गठन भी दलितों, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों को उनके अधिकार दिलाने के लिए किया गया है।
पीडीए समाज का गठन और इन्हें एकजुट करने का मकसद भी संविधान विरोधी ताकतों को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाना है। उन्होंने समाज के शिक्षित लोगों से अपील की कि वे एसआईआर के तहत मतदाता सूची में हो रहे संशोधनों को ध्यान में रखकर अपने समाज के लोगों का वोट न काटने दें और जहाँ जरूरी है वहां जाकर इनके वोट सूची में जुड़वाएं।

अगर संविधान ना होता तो शायद समाज के कमजोर वर्ग आज भी हाशिये पर होते : अनिरुद्ध सिंह
विशिष्ट अतिथि अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि अगर संविधान ना होता तो शायद समाज के कमजोर वर्ग आज भी हाशिये पर होते पंचायत से लेकर संसद तक जो प्रतिनिधित्व आज दिखाई देता है वह संविधान की ही देन है सामाजिक न्याय की जो अवधारणा भारत में विकसित हुई है उसकी जड़ संविधान में ही है।
लेकिन हमें यह भी स्वीकार करना होगा की चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई है। संविधान की जरूरत पीडीए समाज को ही है क्योंकि जब संविधान रहेगा तभी पीडीए समाज के अधिकार रहेंगे। इसलिए इस मुट्ठी भर संविधान विरोधी ताकतों को सत्ता से बाहर निकलने का समय आ गया है।
मैं अपने बुजुर्गों व वरिष्ठ जनों से विनम्र निवेदन करता हूं कि वह अपना आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन देते रहें आपका अनुभव और स्नेह ही हमारा सबसे बड़ी प्रेरणा और शक्ति है।
कार्यक्रम के संयोजक कपिल देव एडवोकेट उपाध्यक्ष बार एसोसिएशन तहसील बुढ़नपुर थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामधारी दिनकर सेवानिवृत प्रिंसपल राजकीय इन्टर कालेज ने की। कार्यक्रम प्रारम्भ होने से पहले उपस्थित प्रबुद्ध जनों ने अपने स्थान पर खड़े होकर संविधान की शपथ ली। विशिष्ट अतिथि अनिरुद्ध सिंह, केडी राम सेवानिवृत्ति मुख्य विकास अधिकारी, राजबली पूर्व रजिस्टार, देवचंद् राम उप सचिव , तुलसीराम पूर्व निर्वाचन आयुक्त उत्तराखंड, राम नवल पूर्व प्रमुख मेंहनगर, आदि लोगों ने बाबा साहब के प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम शुरू होने से पहले उपस्थित प्रबुद्ध जनों ने अपने स्थान पर खड़े होकर संविधान की शपथ ली।
वक्ता के रूप में के डी राम पूर्व मुख्य विकास अधिकारी, तुलसीराम सेवानिवृत चुनाव आयुक्त उत्तराखंड, देवचंद राम पूर्व उपसचिव ( लखनऊ विकास प्राधिकरण ), राम नवल पूर्व प्रमुख मेंहनगर, जीएस प्रियदर्शी, आदि लोगों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन तारकेश्वर बौद्ध ने किया। कार्यक्रम में डॉ. जंग बहादुर, सुरेश राम, राम भेज बनकट, जगदीश, जितेन्द्र वर्मा, बालवीर मिस्त्री, जयराम यादव, राजकुमार यादव, डॉ. तिलकधारी ( अध्यक्ष) बेलहा ,एडवोकेट दिलीप कुमार, त्रिभुन राम पकड़िया रानीपुर, अतुल कुमार फेकूराम , चन्दन कुमार, अच्छेलाल, जयराम यादव, राजकुमार यादव आदि उपस्थित थे।
