अगर भाजपा नेतृत्व ने सपा को तोड़ने की हिमाकत की तो पीडीए समाज यूपी में अखिलेश जी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर इसका बदला लेगा
लखनऊ। सपा के वरिष्ठ नेता एवं यूपी के पूर्व राज्य मंत्री सलाहुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि भाजपा नेताओं में समाजवादी पार्टी को तोड़ने की हिम्मत नहीं है। उनका कहना है कि कार्यकर्ताओं ने अपना खून-पसीना एक करके समाजवादी पार्टी के जनाधार को मजबूत किया है। अगर भाजपा ने साम, दाम, दंड, भेद यानि ईडी और सीबीआई के जरिये पार्टी के सांसदों या विधायकों को तोड़कर पार्टी में दो फाड़ करने की कोशिश की तो सपा कार्यकर्ता लोकतान्त्रिक तरीके से जनता के बीच जाकर भाजपा के इस अलोकतांत्रिक कृत्य का पर्दाफाश करेंगे।
सलाहउद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव जी के साथ पिछड़ा वर्ग, दलित समाज और अल्पसंख्यक समुदाय मजबूती से जुड़ा है। ऐसे में यदि भाजपा नेतृत्त्व सपा को तोड़ने की कोशिश करेगा तो पीडीए समाज यूपी में इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाकर इसका बदला लेगा। उन्होंने कहा कि यूपी में तो वैसे भी अब भाजपा की वापसी संभव नहीं है क्योंकि पीडीए समाज को यह बात अच्छी तरह से मालूम है कि भाजपा संविधान और आरक्षण विरोधी है और अगर भाजपा दोबारा सत्ता में आई तो वह संविधान ख़त्म कर देगी।
सलाहउद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि पीडीए समाज को यह बात अच्छी तरह से मालूम है कि संविधान बचाने और आरक्षण बचाने की लड़ाई अखिलेश जी ही लड़ रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान संविधान विरोधी ताकतों के खिलाफ सपा ने ही लड़ाई लड़ी और उन्हें स्पष्ट बहुमत लाने से रोक दिया। पीडीए समाज को मालूम है कि यूपी ही नहीं बल्कि पूरे देश में वंचितों और मजलूमों की लड़ाई सिर्फ और सिर्फ अखिलेश जी ही लड़ रहे हैं। पीडीए समाज को ये भी मालूम है कि अगर संविधान ख़त्म हुआ तो उनके सारे अधिकार भी ख़त्म हो जायेंगे क्योंकि पीडीए समाज को सारे अधिकार संविधान से ही मिल रहे हैं।
