पूर्व सीजेआई गवई को मानसिक बेइमानी नहीं करनी चाहिए जब वे पद पर थे, तब उन्होंने कहा था वे बौद्ध और अंबेडकरवादी हैं
लखनऊ। दलित, ओबीसी, माइनारिटीज, आदिवासी परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. उदितराज ने कहा कि भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गवई को मानसिक बेइमानी नहीं करनी चाहिए। जब वे पद पर थे, तब उन्होंने कहा था कि वे बौद्ध और अंबेडकरवादी हैं। धीरेंद्र कृष्ण गर्ग (बागेश्वर बाबा) लगातार हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए जोर दे रहे हैं, जबकि डॉ. अंबेडकर ने हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया था। धीरेंद्र कृष्ण पढ़े-लिखे नहीं हैं और झूठ बोलकर अपनी दुकान चला रहे हैं। ऐसे व्यक्ति से आशीर्वाद और सलाह लेने गवई जी गए और यह उनके मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है।
गवई जी धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद और सलाह लेने गए यह उनके मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है
उदितराज ने कहा कि देश में करोड़ों अंबेडकरवादी हैं। गवई जी को यह कहने की क्या ज़रूरत है कि वे अंबेडकरवादी हैं, यदि उनके कार्य उससे मेल नहीं खाते? उनके कारण अंबेडकरी आंदोलन नहीं टीका है। अंबेडकर ने हिंदू धर्म का त्याग किया था और इसे समझने के लिए उनके द्वारा धर्म परिवर्तन के समय दिलाई गई 22 प्रतिज्ञाओं को पढ़ना चाहिए। इसीलिए कहा जाता है कि आर्थिक भ्रष्टाचार से अधिक खतरनाक बौद्धिक भ्रष्टाचार होता है।