सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम है हमारा संविधान : कुंवर फतेह बहादुर

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संविधान ने समानता के साथ-साथ सकारात्मकता (Affirmative Action) की नीति को भी अपनाया

आजमगढ़। आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र मेंहनगर के ग्राम पंचायत जमुडीह विकासखंड तरवा में रविवार को सामाजिक संस्था बहुजन भारत के तत्वावधान में प्रबुद्ध जन सम्मेलन में सस्था के अध्यक्ष कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, एवं अल्पसंख्यकों के सर्वांगीण विकास में संविधान का महत्वपूर्ण योगदान है। भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम है। सदियों से चली आ रही सामाजिक आर्थिक और शैक्षणिक विषमताओं को समाप्त करने के लिए संविधान ने समानता के साथ-साथ सकारात्मकता की नीति (Affirmative Action) को अपनाया जो इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।

संविधान के प्रावधान वंचितों को सशक्त बनाकर समाज की मुख्य धारा से जोड़ते हैं

उन्होंने कहा कि संविधान के प्रावधान इन वर्गों को केवल अधिकार ही नहीं देते बल्कि उन्हें सशक्त बनाकर समाज की मुख्य धारा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हैं।

शिक्षा रोजगार और राजनीति में आरक्षण के माध्यम से इन वर्गों की उपस्थिति और प्रभाव लगातार बढ़ा है। जिससे उनका अर्थ विचार और सामाजिक सम्मान भी सुदृढ़ हुआ है।

कुंवर फतेह बहादुर ने कहा किसंविधान केवल अधिकार देने तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक सशक्त उपकरण है जो ऐतिहासिक रूप से शोषित, दलित, वंचित वर्गों को मुख्य धारा में लाने का प्रयास करता है ।

इसके प्रावधानों के माध्यम से एससी, एसटी, ओबीसी, और अल्पसंख्यकों को शिक्षा रोजगार राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक सम्मान प्राप्त करने का अवसर मिलता है जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि इस समय देश में सारा संघर्ष सत्ता के लिए ही चल रहा है और सत्ता की प्राप्ति कैसे होगी वह हमारे आप के एक-एक वोट से होगी इसलिए हमें अपने अधिकार को प्राप्त करने के लिए संविधान में दिए गए निहित प्रावधानों को समझना होगा तथा संविधान को बचाने के लिए हमेशा संघर्ष करते रहना होगा। सत्ता की प्राप्ति के लिये दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यकों को एक जुट होना होगा जब तक हम एक जूट नहीं होंगे तब तक सत्ता की प्राप्ति नहीं कर पाएंगे सत्ता की प्राप्ति के लिए हमें लालच एव प्रलोभन से बचना होगा ।

मुट्ठी भर लोगों को सत्ता से बाहर निकालने का समय आ गया : अनिरुद्ध सिंह

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि बाबा साहब अम्बेडकर जी ने बौद्धिक विचारधारा और सामाजिक संघर्षों को समझकर जो मॉडल दिया वह मनुस्मृति के खिलाफ था।

क्योंकि मनुस्मृति उसी वर्ण व्यवस्था को पुन: स्थापित करती है, जिससे बहुजन समाज सदियों से पीड़ित था।

मौजूदा हालात में बढ़ती बेरोजगारी, महंगी शिक्षा और निजी अस्पतालों में जांच के नाम पर मरीजों से हो रही लूट से बहुजन समाज के लोग ही नहीं बल्कि हर इंसान परेशान है।

दलित, पिछड़ा व अल्पसंख्यक विरोधी इनमुट्ठी भर लोगों को सत्ता से बाहर निकालने का समय आ गया है और इसका तरीका हम सबके सामने सबसे पहले से ही मौजूद है।

सत्ता की प्राप्ति के बिना बहुजनों का सर्वांगीण विकास संभव नहीं

अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि बाबा साहब व कांशीराम जी ने कहा था कि जब तक हमे सत्ता की प्राप्ति नहीं होगी तब तक हमारा विकास नहीं होगा। कांशीराम जी ने जो 85-15 का फार्मूला दिया वह आज भी सत्ता पाने की चाबी है। जिसके अनुसार 85 फीसदी लोग जिससे, पिछड़ा दलित ,और अल्पसंख्यक (पीडीए) समुदाय आते हैं इनको शिक्षित करना होगा, संगठित करना होगा और फिर जब साथ में मिलकर संघर्ष होगा, तब जाकर बहुजन समाज को पुन: राजनीतिक शक्ति मिल सकेगी।

पीडीए समाज को संगठित करके संविधान विरोधी ताकतों के खिलाफ करना होगा संघर्ष

अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि सत्ता पाने के लिए एक बार फिर बहुजन नायक कांशीराम जी के बताये रास्ते पर चलकर दलितों, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाज को एकजुट होना पड़ेगा। अलग-अलग रहकर हम संविधान विरोधी ताकतों को कभी भी नहीं हरा सकते हैं। लिहाजा हमें एकजुट होकर ही संघर्ष करना होगा और अपने वोटों का सही इस्तेमाल करना होगा।  तभी हम संविधान विरोधी ताकतों को शिकस्त देकर पीडीए समाज की सरकार बना पाएंगे और अपनी सरकार बनाकर हम संविधान में प्रदत्त अपने अधिकार हासिल कर सकेंगे।

विचार गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन गोष्ठी के संयोजक कोमल राम पूर्व प्रधान की अध्यक्षता में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पार्क जमुडीह में हुआ।

कार्यक्रम में केडी राम सेवानिवृत मुख्य विकास अधिकारी, एवं तुलसीराम सेवानिवृत्ति राज्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड, राजबली सेवानिवृत्ति रजिस्टार, रामानंद राजभर पूर्व जिला पंचायत सदस्य, कैलाश राजभर, जयराम यादव, राजकुमार यादव, अभिमन्यु यादव, नोमान असरफ, त्रिभुवन राम, चन्दन एडवोकेट , रामनवल पूर्व प्रमुख मेंहनगर, धर्मेन्द्र कुमार, कोमल राम पूर्व प्रधान,डॉ. तिलकधारी, राम प्रसाद जिला पंचायत सदस्य,कुंवर प्रजापति पूर्व प्रधान आदि लोगो ने बाबा साहब डॉ. अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के बाद अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन लालसाराम पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने किया।

कार्यक्रम में धर्मेंद्र राम खरिहानी, कैलाश राम भंवरपुर, श्रवण कुमार, कैलाश राजभर, आशीष मास्टर भंवरपुर, चुन्नीलाल भारती जामुडीह ,शांति देवी पूर्व प्रधान जामुडीह, विजय कुमार जमुडीह, आम्रपाली जमुडीह, लालचंद राम जमुडीह, दिलीप कुमार एडवोकेट, मोहन राम आदि उपस्थित रहे।

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