भाजपा और आरएसएस सुनियोजित तरीके से सरकारी नौकरियों और सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहे
नई दिल्ली। अखिल भारतीय दलित, ओबीसी एवं माइनारटीज परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. उदितराज ने दलित, ओबीसी, माइनॉरिटीज एवं आदिवासी (DOMA) परिसंघ की ओर से जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक जी से मुलाकात कर देश के करोड़ों युवाओं और छात्रों के संघर्ष के प्रति अपनी एकजुटता और समर्थन व्यक्त किया।
डॉ. उदितराज ने कहा कि वांगचुक द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग पूरी तरह न्यायसंगत है। पेपर लीक की घटनाओं ने विशेष रूप से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लाखों छात्रों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। भाजपा और आरएसएस सुनियोजित तरीके से सरकारी नौकरियों और सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अनेक शैक्षणिक संस्थानों में आरएसएस से जुड़े लोगों की नियुक्तियाँ की जा रही हैं, जिससे न केवल आरक्षण व्यवस्था का प्रभाव कमजोर हुआ है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। मैं सोनम वांगचुक जी और उनके सभी साथियों से आग्रह करता हूँ कि वे अपना अनशन समाप्त करें और राहुल गांधी के साथ मिलकर इस संघर्ष को आगे बढ़ाएँ, जो राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को मजबूती से उठा रहे हैं। इतनी असंवेदनशीलता और क्रूरता का परिचय तो ब्रिटिश शासन ने भी नहीं दिया था।
