असपा प्रमुख ने प्रशांत के परिजनों को पचास लाख मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की
लखनऊ। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की राष्टï्रीय राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के चांदपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हैजरपुर में 23 वर्षीय प्रशांत सैनी के साथ हुई घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद, दंडनीय और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली है।

उन्होंने आगे लिखा कि 22 मार्च की रात रिश्तेदारी से घर लौट रहे प्रशांत की एक स्कूटी से हल्की टक्कर हो गई। इंसानियत दिखाते हुए वह मदद करने के लिए रुके, लेकिन मौके पर मौजूद भीड़ ने उन्हें दोषी ठहराते हुए बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद लडक़ी के परिजनों ने साजिशन उन्हें अपने घर ले जाकर खंभे से बांध दिया और इतनी बर्बरता से पीटा कि उनकी पसलियां और कई हड्डियां तक तोड़ दी गईं। यह घटना भीड़तंत्र और अमानवीयता की चरम सीमा है।
चन्द्रशेखर आजाद ने आगे लिखा है कि उपचार के दौरान मेरठ में 25 मार्च को प्रशांत की मृत्यु हो गई। यह सीधी-सीधी हत्या है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि हम शोकसंतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। प्रकृति से प्रार्थना है कि शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करे। उन्होंने राज्य की योगी सरकार से मांग की है कि इस मामले के सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और पीडि़त परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। साथ ही परिवार को सुरक्षा, 50 लाख रुपये का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाए।