गरीब मेधावियों का भविष्य संवार रही डॉ. अम्बेडकर अकादमी

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मिशन पे बैक टु सोसाइटी के तहत संस्था वंचितों को सरकारी सेवाओं में चयन के लिए कर रही मदद

कमल जयंत

मिशन पे बैक टू सोसाइटी (एमपीबीएस) के चेयरमैन जेसी आदर्श का कहना है कि हमारी व्यक्तिगत शक्ति, पद, विशेषाधिकार और समृद्धि हमारे पूर्वजों के अथक संघर्ष और अकल्पनीय बलिदान का परिणाम है। आज हमारे पास जो कुछ भी है वह उस समुदाय का ऋण है जिसमें हम पैदा हुए हैं। यह ऋण समाज को हमें अपने समय, प्रतिभा और अर्थ से योगदान के रूप में निस्वार्थ और प्रतिबद्धता के साथ चुकाना है ताकि हमारी भावी पीढ़ी एक समतामूलक और प्रबुद्ध समाज के रूप में विकसित हो सके। इसी बात को ध्यान में रखकर डॉ. अम्बेडकर अकादमी का गठन किया गया है। हमारी संस्था गरीब मेधावियों को आईएएस, पीसीएस से लेकर अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करा रही हैै और उन्हें इस कार्य में सफलता भी मिली है और साथ ही इस बात का संतोष भी है कि बाबा साहब के पे बैक टू सोसाइटी के तहत हमारी संस्था मेधावियों की मदद कर रही है। मिशन पे बैक टू सोसाइटी (एमपीबीएस) एक पंजीकृत ट्रस्ट है जिसकी परिकल्पना समाज के जरूरतमंद और योग्य युवा प्रतिभाओं के विकास और उनमें विश्वास, उद्देश्य और सामाजिक प्रतिबद्धता की भावना को बढ़ावा देने की एक सामाजिक – सांस्कृतिक पहल के रूप में बाबा साहब के सबसे महत्वपूर्ण हथियार ‘शिक्षित बनो’ को साकार करने हेतु की थी ।

 

मिशन पे बैक टू सोसाइटी की स्थापना का इतिहास 25 दिसंबर 2014 का है जब समाज के कुछ प्रतिबद्ध, सक्षम और प्रबुद्ध साथियों ने शिक्षा के क्षेत्र में अपने लोगों के लिए कुछ अप्रत्याशित करने के लिए एक संगोष्ठी की थी । यह दिन बहुजन मुक्ति दिवस के नाम से भी याद किया और मनाया जाता है । तदुपरान्त समाज के और गणमान्य व्यक्तियों के जुडऩे पर शिक्षा के क्षेत्र में कुछ विशिष्ट कार्य करने के उद्देश्य से एमपीबीएस ट्रस्ट का 11 अगस्त, 2015 को पंजीकरण किया गया । ट्रस्ट की अवधारणा है ‘शिक्षा फैलाएँ चहुं ओर, चलें गाँव की ओर’ ।

इसको मूर्त रूप देने के लिए एमपीबीएस ट्रस्ट ने पहले डॉ. अंबेडकर अकादमी, गाजियाबाद की स्थापना और तदुपरान्त सावित्री बाई फुले अकादमी, कौशांबी, गाजियाबाद, अध्ययन और कैरियर मार्ग दर्शन केंद्र खैमावती गाँव, गाजियाबाद, और सावित्रीबाई फुले अकादमी, पश्चिम गाँव, रायबरेली की स्थापना की गई। अभियान यहाँ नहीं रुका, आगे दो और अध्ययन केन्द्रों, पुरदिल नगर, हाथरस (उ. प्र.) और माणिकपुर, प्रतापगढ़ (उ. प्र.) का निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। एमपीबीएस प्रतिवर्ष नई परियोजनाओं को योजनाबद्द करने के लिए कटिबद्ध है । यह हमारा दृढ़ विश्वास और संकल्प है कि एक दिन हम देश को थोपी गई गुलामी के ऐतिहासिक सामाजिक बंधन से अपने जीवन काल में ही मुक्त करा सकेंगे।

जेसी आदर्श के साथ ही डॉ. राजकुमार, भगवान सिंंह, प्रो. रामचन्द्र,ओमवीर सिंह, डॉ. भारत भूषण, श्रीमती अमर ज्योति, डॉ. प्रमोद कुमार, जय प्रकाश सिंह का भी सराहनीय योगदान

 

गाजियाबाद ट्रस्ट द्वारा संचामित डॉ. आंबेडकर अकादिमी, गाजियाबाद के 26 छात्रों ने इस वर्ष की यूपी पीसीएस के प्राथमिक परीक्षा में सफलता प्राप्त करके अपने पिछले वर्ष के 25 छात्रों के सफलता के रिकार्ड को पीछे छोडक़र एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह अकादिमी पिछले नौ सालों से आईएएस/पीसीएस और अन्य सरकारी सेवाओं की परीक्षाओं के लिए साधनहीन, मेधावी छात्रों को नि:शल्ुक आवास और कोचिंग दे रही है। अब तक 100 से ज्यादा छात्र इस संस्था से यूपीपीसीएस तक की विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयनित हो चुके हैं।

पीसीएस अधिकारी के नेतत्ृव में 12 सदस्यों की टीम ने‘ पे बैक टु सोसाइटी’ ट्रस्ट की स्थापना की थी। इनमें मेरे अलावा डॉ. राजकुमार, भगवान सिंंह,प्रो. रामचन्द्र,ओमवीर सिंह, डॉ. भारत भूषण, श्रीमती अमर ज्योति, डॉ. प्रमोद कुमार, जय प्रकाश सिंह का भी सराहनीय योगदान है। इनके सहयोग से हम शिक्षा के क्षेत्र में गरीब मेधावियों की मदद कर पा रहे हैं और खुशी की बात यह है कि उनकी कोचिंग से पढऩे वाले लगभग डेढ़ सौ बच्चों का विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयन भी हो चुका है।

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