भारत में अब भी करोड़ों लोग गरीबी की रेखा के नीचे

लखनऊ। एमजीआर यूनिवर्स अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति कर्मचारी-अधिकारी कल्याण संघ का दो दिवसीय सेमिनार स्वतंत्र्योत्तर भारत मानव विकास एक मूल्यांकन विषय पर एचएएल लखनऊ में हुआ।
इस मौके पर कार्यक्रम के आयोजक और संस्था के मुख्य ट्रस्टी डॉ. आरए गौतम ने कहा कि मानव विकास सम्भवतः संयुक्त राष्ट्र संघ जिनकी स्थापना हमारी आजादी के दो वर्ष पहले सन् 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति पर सम्पन्न हुई थी। उसी के द्वारा प्रकाशित यूएनडीपी रिपोर्ट के तहत बताया गया है कि प्राधानमंत्री राष्ट्रीय विकास कार्यक्रमों के माध्यम से भारत में गरीबी दूर हुई है। लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे है। यह रिपोर्ट विरोधाभासी लगती है। धरातल पर 80 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 2023 आकड़े बताते है कि छत्तीसगढ़ राज्य में 40%, झारखण्ड में 37%, मणिपुर में 37%, अरुणांचल में 35%, बिहार में 34%, मध्यप्रदेश में 32%, उड़ीसा में 33%, असम में 32%, उत्तर प्रदेश में 29%, कर्नाटक में 17% अर्थात देश के कुल 13-14 बड़े राज्यों में भयंकर गरीबी है। दर्शाता है कि मानव विकास कार्यक्रम में हम काफी पिछड़े है, दुनियां के कुल 193 देशों में हमारा स्थान 157वें नम्बर पर अंकित है।
डॉ. गौतम ने कहा कि ज्ञान-विज्ञान तकनीकी, सुरक्षा और परमाणु अनुसंधान के क्षेत्र में तरक्की कर हम विश्व के प्रमुख परमाणुशक्ति ‘सम्पन्न’ देशों की सूची में शुमार हैं, सम्मानित हैं। इसके विपरीत मानव विकास के क्षेत्र में हम काफी पीछे है। किसी भी राष्ट्र का मानव विकास स्तर उसकी सम्पन्नता, शिक्षित जनता और श्रेष्ठतम जीवन स्तर से माना जाता है। वहां का प्रति व्यक्ति आयकर भुगतान करने में श्रेष्ठ होता है, जो उस देश की रक्षा सेवा, अंतरिक्ष अनुसंधान और असमय आयी राष्ट्रीय आपदा के लिए काम आता है।
हमारे यहां जिन राज्यों में भयंकर गरीबी का प्रमाण मिलता है उन राज्यों में प्रकृतिक संसाधनों खनिजों और वन-जल-जन और प्राणी जीव संसाधनों की प्रचुरता है फिर भी हम भयंकर गरीबी, भुखमरी, कुपोषण, अशिक्षा और अस्वास्थ्यकर स्थिति से जूझ रहे है। इस पर हमारी सरकार को गंभीरतापूर्वक विचार करना होगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रोफेसर अनूप कुमार सिंह प्रख्यात वैज्ञानिक एवं पूर्व कुलपति निरमा विश्वविद्यालय अहमदाबाद और अध्यक्षता प्रोफेसर विक्रम इतिहास विभाग इलाहाबाद विश्वविद्यालय इलाहाबाद ने की। कार्यक्रम में जेएस कैलाशिया, रायपुर, नरेंद्र कुमार जाटव अध्यक्ष सिद्धार्थ मेमोरियल फाऊँडेशन भोपाल डा. जयकरन सिह सिधौली, श्याम बिहारी साहू रायपुर, डा. एसके गौतम, डा. अयोध्या प्रसाद, महेश प्रसाद आदि के अतिरिक्त केशव राम, सहावीर आजाद ने अपने विचार रखे।