
डॉ. अंबेडकर अस्थि कलश बचाओ संघर्ष मोर्चा” के आवाहन पर धर्मोदय बुद्ध विहार पुरनिया में हुई बैठक
लखनऊ । “डॉ. अंबेडकर अस्थि कलश बचाओ संघर्ष मोर्चा की एक बैठक धर्मोदय बुद्ध विहार पुरनिया लखनऊ में हुई। बैठक में मोर्चा के संयोजक व पूर्व कैबिनेट वित्त मंत्री केके गौतम ने कहा कि विधानसभा के सामने अंबेडकर महासभा प्रांगण में स्थित बाबा साहब का अस्थि कलश,बुद्ध प्रतिमा बोधि वृक्ष की हम लोग पूजा अर्चना करते हैं तथा वे हमारे लिए वंदनीय हैं और हमारी आस्था के प्रतीक तो हैं ही साथ ही सामाजिक परिवर्तन और बहुजन क्रांति का प्रतीक एवं राष्ट्रीय महत्व की धरोहर भी हैं। उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल 2026 को इन्हें यहां से हटाकर ऐशबाग में विस्थापित करने की घोषणा डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल द्वारा अनाधिकृत रूप से अपने निजी स्वार्थवश किया गया, लालजी निर्मल का बयान संविधान व बुद्ध अंबेडकर अनुयायियों की आस्था के विरुद्ध है।

अस्थि कलश, बुद्ध प्रतिमा बोधि वृक्ष हमारी आस्था के प्रतीक और सामाजिक परिवर्तन व बहुजन क्रांति का प्रतीक एवं राष्ट्रीय महत्व की धरोहर भी हैं : रामकुमार गौतम
पूर्व एसडीएम लखनऊ व संघर्ष मोर्चा के संयोजक मंडल के सदस्य राम कुमार गौतम ने बताया कि डॉ. निर्मल द्वारा दिया गया बयान जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, उसके तत्काल बात 30 मई 2026 को बहुजन बुद्धिजीवियों की एक आवश्यक बैठक एमके अपार्टमेंट लखनऊ में हुई और उसमें विस्तृत विचार विमर्श के बाद केके गौतम पूर्व कैबिनेट मंत्री के नेतृत्व में “डॉक्टर अंबेडकर अस्थि कलश बचाओ संघर्ष मोर्चा” गठित किया गया तथा पूरे प्रदेश के समस्त जनपदों में जिला संयोजक नामित करके बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।
उन्होंने बताया कि 21 जून 2026 को बुद्ध विहार औरंगाबाद खालसा में समस्त बुद्ध अंबेडकर समितियों संगठनों एवं सामाजिक संगठनों की एक बैठक आयोजित हुई । इस बैठक में सर्वसम्मत से निर्णय लिया गया कि 23 जून 2026 को प्रातः 11:00 से अंबेडकर महासभा प्रांगण में स्थित आस्था के उपरोक्त प्रतीकों की पूजा वंदना की जाएगी।
राम कुमार गौतम ने बताया कि 23 जून 2026 को भारी संख्या में आए अनुयायियों के द्वारा पूजा बंदना की गई। मोर्चा द्वारा लिए गए निर्णय के क्रम में प्रत्येक बुधवार को सांय 4:00 से 5:00 बजे तक सैकड़ों की संख्या में बुद्ध अंबेडकर अनुयाई आकर पूजा अर्चना कर रहे हैं। बहुजन व बुद्ध अंबेडकर अनुयायियों की आस्था के इन प्रतीकों से छेड़छाड़ न की जाए तथा भव्य स्मारक बनवाकर सौंदर्यीकरण कराया जाए।

बैठक में बताया गया कि लालजी प्रसाद निर्मल ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के मिलते जुलते नाम से अपने निजी नाम और पते पर ट्रस्ट बना रखा है इस ट्रस्ट में बाबा साहब की अस्थियों को स्थापित करने की बात कर रहे हैं। क्या बाबा साहब के परिवार से इतर व्यक्तिगत ट्रस्ट में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव की अस्थियां स्थापित की जा सकती है?
क्या बाबा साहब की अस्थियां उनके परिवार के सदस्यों की बिना अनुमति के इस स्थल से हस्तांतरित की जा सकती है? वक्तागणों द्वारा इसी प्रकार के प्रश्न डॉक्टर लालजी प्रसाद निर्मल व योगी सरकार से पूछे गए। आस्था के उपरोक्त प्रतीकों को विधानसभा के सामने ही बनाए रखने तथा इसी स्थल पर भव्य स्मारक बनवाने एवं सौंदर्यीकरण कराने की मांग सरकार से की गई।
सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया गया कि बाबा साहब की अस्थियां विधानसभा के सामने स्थित अंबेडकर महासभा प्रांगण से किसी भी दशा में अन्य स्थान पर स्थानांतरित नहीं करने दी जाएगी इसके लिए किसी भी हद तक का आंदोलन क्यों न करना पड़े। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आरक्षित कोटे से चुनकर आए माननीय विधायकों एवं माननीय सांसदों को पत्र लिखकर उनसे प्रभावी पैरवी करने हेतु मोर्चा की ओर से अनुरोध किया जाए। जिसके क्रम में पत्र तैयार कर प्रेषित किए जाने की कार्रवाई प्रचलित है।
मोर्चा द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णय के क्रम में आज सैकड़ों बुद्ध अंबेडकर अनुयायियों के द्वारा अंबेडकर महासभा प्रांगण में पहुंचकर बाबा साहब के अस्थि कलश, बुद्ध प्रतिमा आदि की पूजा वंदना की गई। बुद्ध वंदना कार्यक्रम में केके गौतम, रामकुमार गौतम, राम लगन सिंह यादव, जीत लाल सैनी, दयासागर बौद्ध, जेपी बौद्ध, जीत लाल सैनी साहब सिंह धनगर, भीमराज, सत्यवीर सिंह यादव, पीसी कुरील, श्रीनाथ सिंह कुशवाहा, श्रीमती इंदिरा दोहरे,आर एल बौद्ध, डॉक्टर पदम सिंह, आदि उपस्थित रहे।