मेरठ में दलित बेटी ललिता गौतम की हत्या हुई, उसके न्याय के लिए यदि वे खड़ी नहीं होतीं, तो भी बर्दाश्त था, लेकिन दूसरों को आन्दोलन से रोकना कितना सही

नई दिल्ली। अखिल भारतीय दलित, ओबीसी एवं माइनारटीज परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. उदितराज ने कहा कि मायावती जी, डॉ. आंबेडकर का नाम बदनाम न करें। दलितों की पिटाई, हत्या और रेप हो तो धरना-प्रदर्शन न करें बल्कि कोर्ट जाना चाहिए। 1990 से बीएसपी यही कहती रही है कि वोट डालो। लोग भावुकता और जातीय प्रेम में ऐसा करते भी रहे।
डॉ. उदितराज ने कहा कि आरक्षण, ज़मीन, शिक्षा, संविधान और अत्याचार जैसे मुद्दों पर न कोई चुनाव लड़ा गया, न कोई रैली निकाली गई और न ही कोई आंदोलन किया गया। एक समय बीएसपी के लगभग 40 लोकसभा और राज्यसभा सदस्य थे। यदि चाहते, तो कई अधिकार हासिल कर सकते थे, लेकिन कुछ नहीं किया।
डॉ. उदितराज ने कहा किमायावती ने कहा, “लाख दुखों का एक ही इलाज है—इन्हें वोट डालो, चंदा दो और ऊपर से ग़ुलामी भी करो।” मेरठ में दलित बेटी ललिता गौतम की हत्या हुई। उसके न्याय के लिए यदि वे खड़ी नहीं होतीं, तो भी बर्दाश्त था, लेकिन इस हद तक चले जाना जो RSS और BJP भी न कर सकीं। इनका काम कांग्रेस को कमज़ोर करना और बीजेपी को मज़बूत करना रहा है। देश के वर्तमान हालात के लिए बीएसपी भी ज़िम्मेदार है।