मानसिक रोग से पीड़ित महिला को बेहतर उपचार एवं मानवीय देखभाल प्रदान कर स्वस्थ अवस्था में उसके परिजनों को सौंपा गया

लखनऊ। राजधानी के बलरामपुर अस्पताल, लखनऊ में एक मानसिक रोग से पीड़ित महिला को बेहतर उपचार एवं मानवीय देखभाल प्रदान कर स्वस्थ अवस्था में उसके परिजनों को सौंपा गया।
यह प्रकरण अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ निराश्रित एवं जरूरतमंद मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदार चिकित्सा व्यवस्था का एक उल्लेखनीय उदाहरण है।
जानकारी के अनुसार महिला लंबे समय से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से पीड़ित थी और 19 फरवरी 2026 से अपने घर से लापता थी।
परिजनों द्वारा उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट 21 फरवरी 2026 समय 08:18 pm पर, भी दर्ज कराई गई थी। 13 मई 2026 को महिला को बलरामपुर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम द्वारा उसका परीक्षण कर आवश्यक उपचार एवं देखभाल प्रारंभ की गई।
अस्पताल प्रत्येक मरीज को सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध : डॉ. बी.के.एस. चौहान
चिकित्सालय के निदेशक डॉ. बी.के.एस. चौहान ने कहा कि “बलरामपुर अस्पताल प्रत्येक मरीज को सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
डॉ. बी.के.एस. चौहान ने कहा किमानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मरीजों के प्रति विशेष संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकरण में पूरी टीम ने जिस समर्पण के साथ कार्य किया, वह सराहनीय है।”
अस्पताल में उपचार के दौरान मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हुआ। अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य कर्मचारियों द्वारा मरीज को केवल चिकित्सा उपचार ही नहीं, बल्कि आवश्यक मानवीय देखभाल, सुरक्षा एवं भावनात्मक सहयोग भी प्रदान किया गया।
उपचार के उपरांत मरीज की स्थिति बेहतर होने पर उसके परिजनों से संपर्क स्थापित कर उसे सकुशल परिवार को सौंप दिया गया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि सरकारी अस्पताल केवल उपचार उपलब्ध कराने का केंद्र नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति के लिए आशा और सहारा भी हैं। बलरामपुर अस्पताल में आर्थिक रूप से कमजोर, निराश्रित एवं ऐसे मरीज जिन्हें तत्काल सहायता की आवश्यकता होती है, उनके उपचार एवं देखभाल को प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने का निरंतर प्रयास किया जाता है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने कहा कि “मरीज की पहचान एवं उसके परिजनों तक पहुंचने के प्रयास के साथ-साथ उपचार के दौरान उसकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की गई। चिकित्सकों एवं समस्त स्वास्थ्यकर्मियों ने पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया।”

मरीज के उपचार और देखभाल में सभी संबंधित चिकित्सकों एवं स्टाफ का योगदान सराहनीय : डॉ. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि “मरीज के उपचार और देखभाल में सभी संबंधित चिकित्सकों एवं स्टाफ ने सराहनीय सहयोग दिया।
डॉ. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मरीज का स्वस्थ होकर अपने परिवार तक पहुंचना पूरी टीम के लिए संतोष का विषय है।
“बलरामपुर अस्पताल प्रशासन ने कहा कि मरीजों की चिकित्सा के साथ-साथ उनकी गरिमा, सुरक्षा और मानवीय आवश्यकताओं का ध्यान रखना अस्पताल की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अस्पताल की पूरी टीम इसी भावना के साथ निरंतर कार्य कर रही है।
