अन्याय के खिलाफ बुलंद हुई आवाज, हक के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान

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मोहनलालगंज में ‘सामाजिक जागरूकता विधानसभा सम्मेलन’ में उठा वंचितों के उत्पीड़न का मुद्दा

लखनऊ/मोहनलालगंज। डॉ. अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच के तत्वावधान में कोहिनूर मैरिज लॉन, मोहनलालगंज में ‘सामाजिक जागरूकता विधानसभा सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों के अधिकारों पर लगातार आघात हो रहे हैं और प्रशासनिक उपेक्षा चरम पर है। मंच ने स्पष्ट किया है कि अब अन्याय और भेदभाव के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का समय आ गया है। सम्मेलन में शिक्षा, आरक्षण, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, बेरोजगारी तथा ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं को लेकर सरकार और प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाया गया।

संविधान की मूल भावना को कमजोर करने की हो रही कोशिश : राम बहादुर

संस्था के राष्ट्रीय संयोजक व पूर्व आईएएस राम बहादुर ने कहा कि ‘आज संविधान की मूल भावना को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। दलित और पिछड़ा समाज आज भी अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटक रहा है। यदि प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, तो समाज अब चुप नहीं बैठेगा यह सम्मेलन एक सीधी चेतावनी है कि अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने बताया कि ‘सम्मेलन में शिक्षा व आरक्षण में अनियमितताएं सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता की कमी पर चर्चा के साथ मोहनलालगंज व सिसेंडी क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर कड़ी नाराजगी जताई गई। बुनियादी सुविधाओं का संकट जल जीवन मिशन, पेयजल, पेंशन व अन्य योजनाओं में लापरवाही पर सरकार को घेरा गया और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा समाज को जागरूक कर संघर्ष के लिए तैयार करने का निर्णय लिया गया।

आरक्षण को कमजोर करने की कोशिश कर रही सरकार : भवननाथ

राष्ट्रीय अध्यक्ष भवन नाथ पासवान ने कहा कि ‘सरकारी योजनाओं और नौकरियों में दलितों और पिछड़ों के साथ खुला भेदभाव हो रहा है। 69,000 शिक्षक भर्ती जैसे मामलों ने यह साबित कर दिया है कि आरक्षण को कमजोर करने की साजिश चल रही है। हम साफ कहना चाहते हैं कि अब शोषण के खिलाफ सडक़ से सदन तक लड़ाई लड़ी जाएगी और किसी भी कीमत पर अपने अधिकार नहीं छोड़ेंगे। ‘
भवननाथ पासवान ने कहा कि यह सम्मेलन केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शोषित और वंचित समाज की ताकत का प्रदर्शन है। अब अन्याय के खिलाफ आर-पार की लड़ाई होगी और समाज अपने हक के लिए हर स्तर तक जाने को तैयार है।राष्ट्रीय प्रधान महासचिव इंजीनियर एस.पी. सिंह ने कहा कि ‘युवाओं को अब जागना होगा। केवल पढ़ाई काफी नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना भी जरूरी है। बाबा साहेब के विचार शिक्षित करो, संगठित करो और संघर्ष करो, को अपनाकर ही हम मजबूत समाज बना सकते हैं। ‘कार्यक्रम का सफल संचालन एस एल रावत ने किया किया।

इस सम्मेलन में अनेक गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें प्रमुख रूप से आर एन यादव, राम सिंह, डा. अनिल कुमार, आशा राम सरोज, आदित्य वर्मा, राकेश चन्द्र राणा, भारत वीर, फतेह बहादुर सिंह, जी के शंखवार , शैलेश धानुक, डा अयोध्या प्रसाद, डा जय प्रकाश, मोहम्मद शमीम खान, पीतांबर प्रसाद, संतराम रावत, गुरु प्रसाद, कुंदन लाल, शिव कुमार, बीपी बौद्ध, राम सरोवर, प्रशान्त राज, डॉक्टर रामजीलाल, इंजी रचना, गायत्री रावत, रामकिशोर रावत, एडवोकेट महेश रावत, गुरु प्रसाद रावत, एस एल रावत, शिव बालक, सोहनलाल, सुभाष चंद्र, अंजनी कुमार चक्रवर्ती, राम सिंह, राम सजीवन, सुरेंद्र कुमार ददू , मो. हनीफ खान, भास्कर पासवान,बालक राम,अमर नाथ, राजकिशोर, होरी लाल, अनिल पासी, दीपक कुमार बालकिशन सरोज, रामबिरज रावत, भानू प्रकाश, दीपराज रावत, सी बी भारती, दीपक कुमार, उदय भइया सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहेे।

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