‘शिक्षा मंत्री ने वैद्य देवेश श्रीवास्तव को दिया ‘नेशनल अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस ‘

Share

लखनऊ विवि में आयोजित 21वें राष्ट्रीय सेमिनार के दौरान आयुष विभाग के वरिष्ठ वैद्य डॉ. देवेश को आयुर्वेद एवं योग के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए किया गया सम्मानित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रजनी तिवारी ने वैद्य देवेश श्रीवास्तव को दिया ‘नेशनल अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस ‘से सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने की, जबकि विधायक पवन सिंह चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे। वैद्य श्रीवास्तव पिछले 45 वर्षों से आयुर्वेद के माध्यम से जन-जन को स्वस्थ बनाने के प्रयास में समर्पित हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने असंख्य रोगियों को आयुर्वेद द्वारा स्वास्थ्य लाभ पहुंचाया। चार दशक के अनुभव एवं शोध के आधार पर उन्होंने एक विशेष उपचार पद्धति विकसित की, जिसे ‘रिलेक्सेशन थैरेपी’ नाम दिया गया।

यह थैरेपी रोगों को जड़ से और शीघ्रता से दूर करने में सक्षम है तथा इसे उत्तर प्रदेश सरकार के दो विभागों द्वारा अंगीकृत भी किया गया है, जिसके लिए उन्हें राजकीय सम्मान प्राप्त हुए। वैद्य श्रीवास्तव को वर्षों से देश-विदेश के मंत्री, मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश, कुलपति, प्रशासनिक अधिकारी, पत्रकार एवं विभिन्न संगठनों द्वारा अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र, शील्ड एवं सम्मान-पत्र प्रदान किए जाते रहे हैं। वे प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे विश्व में आयुर्वेद एवं योग का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। इस राष्ट्रीय सेमिनार के संयोजक डॉ. अमरजीत यादव रहे तथा संचालन प्रो. निधीश यादव, हिमाचल प्रदेश ने किया।

प्रमुख अतिथियों में पवन सिंह चौहान, सदस्य, उत्तर प्रदेश विधान परिषद, प्रो. एम.एल.बी. भट्ट, निदेशक, कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट, लखनऊ; तथा प्रो. राजेंद्र प्रसाद, पूर्व निदेशक, पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट, दिल्ली विश्वविद्यालय उपस्थित रहे। देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए सैकड़ों शोधार्थियों, प्राध्यापकों एवं अधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर अपने वैद्य देवेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ‘यह पुरस्कार केवल मेरा नहीं, बल्कि उन सभी रोगियों, विद्यार्थियों, समर्थकों और मेरी प्रेरणा, मेरी माताश्री, धर्मपत्नी तथा लखनऊ विश्वविद्यालय के योग विभाग के समन्वयक डॉ. अमरजीत यादव का है, जिन्होंने मेरे 45 वर्षों के शोध, अनुभव एवं सेवा पर विश्वास किया। मैं ईश्वर, गुरुओं और आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। ‘

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *