क्या रामचरितमानस से “ढोल, गंवार, शूद्र, पशु, नारी, सकल ताड़ना के अधिकारी” को निकाला जा सका
लखनऊ। अखिल भारतीय दलित, ओबीसी एवं माइनारटीज परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. उदितराज ने कहा कि मोरक्को में 99% मुस्लिम आबादी है और करीब 60,000 लोग 30 जुलाई को समुद्री पानी के रास्ते तैरकर स्पेन में घुसे। 35-40 मोरक्कन डूबकर मर गए। करीब 35,000 को वहाँ के प्रशासन ने वापस लौटा दिया। स्पेन एक सेक्युलर देश है और करीब 50% लोग गैर-धार्मिक या नास्तिक हैं।

उन्होंने बताया कि स्पेन में घुसने वाले केवल पुरुष थे; उनके साथ कोई बच्चा या महिला नहीं थी। न परिवार की चिंता और न ही जान की, फिर भी वे ऐसे देश में क्यों घुस रहे थे?
कारण यह है कि स्पेन एक विकसित और खुला समाज है। जो समाज विज्ञान और तकनीक को महत्व देगा, उसका ही विकास होगा।
डॉ. उदितराज ने कहा कि 2014 के बाद भारत से भी तेजी से लोग अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, दुबई आदि देशों में पलायन कर गए। जिनके पास ज़्यादा पैसा था, उन्होंने भारत को ज़्यादा छोड़ा। क्यों?
बीजेपी और आरएसएस ने अंधविश्वास को तेजी से फैलाया, जिसके वजह से उत्पादन, उद्योग, वैज्ञानिक वातावरण , खुलापन, खानपान और शिक्षा आदि पर प्रतिकूल असर पड़ा। सुख-सुविधाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ा, इसलिए ऐसे लोगों का विकसित देशों की ओर पलायन तेज हो गया।

उन्होंने कहा कि कोई भी धर्म हो, उसमें सुधार नहीं होता। जो प्रावधान धर्म के उद्भव के समय बनाए जाते हैं, उनमें परिवर्तन नहीं होता और न ही उनमें से कुछ निकाला जा सकता है।
क्या गीता से कोई हिस्सा हटाया जा सकता है? क्या रामचरितमानस (सुंदरकांड) से “ढोल, गंवार, शूद्र, पशु, नारी। सकल ताड़ना के अधिकारी” को निकाला जा सका? जो कुछ सुधार होता है, वह उनके अनुयायियों में होता है।
उदितराज ने कहा कि दुनिया के सबसे खुशहाल और सुंदर देश वे हैं, जहाँ लोग नास्तिक हैं या जहाँ धर्म बिल्कुल व्यक्तिगत विषय है, जैसे फ़िनलैंड, डेनमार्क, आइसलैंड, स्वीडन, नीदरलैंड, कोस्टा रिका, नॉर्वे, इज़राइल, लक्ज़मबर्ग और मेक्सिको। जहाँ धर्म सत्ता है, वहाँ एक भी देश खुशहाली की सूची में नहीं है।